नई दिल्ली। युवाओं और छात्रों के बीच विभिन्न धर्मों के प्रति समझ, आपसी सम्मान और बहुलवाद की भावना को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। नई दिल्ली में ‘टेम्पल ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग इंडिया फ़ाउंडेशन’ और ‘मानव रचना यूनिवर्सिटी’ के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता संयुक्त राष्ट्र के ‘अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस’ के अवसर पर किया गया।
MoU पर हस्ताक्षर के दौरान ‘टेम्पल ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग इंडिया फ़ाउंडेशन’ के संस्थापक-चेयरमैन डॉ. करण सिंह और ‘मानव रचना यूनिवर्सिटी’ के चांसलर डॉ. प्रशांत भल्ला मौजूद रहे। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
समझौते का मुख्य उद्देश्य युवा छात्रों के बीच अलग-अलग धर्मों, संस्कृतियों और परंपराओं के प्रति समझ विकसित करना है। इसके साथ ही युवाओं को धार्मिक विविधता का सम्मान करने, संवाद को बढ़ावा देने और समाज में आपसी सौहार्द की भावना मजबूत करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
दोनों संस्थानों के बीच यह साझेदारी भारत की बहुलतावादी और समावेशी परंपरा को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने पर केंद्रित होगी। इसके तहत छात्रों को विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोणों को समझने तथा उनके बीच समानताओं और विविधताओं पर संवाद करने के अवसर मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की सभ्यतागत भावना को विशेष महत्व दिया गया। इस विचार के माध्यम से युवाओं में यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा कि विविधताओं के बावजूद पूरा मानव समाज एक परिवार के रूप में जुड़ा हुआ है।
आयोजकों के अनुसार, आज के समय में युवाओं के बीच अंतरधार्मिक समझ और संवाद को बढ़ावा देना सामाजिक सद्भाव के लिए महत्वपूर्ण है। शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी को विविधता, सहिष्णुता और पारस्परिक सम्मान के मूल्यों से जोड़कर अधिक शांतिपूर्ण और समावेशी समाज के निर्माण में योगदान दिया जा सकता है। यह MoU इसी दिशा में दोनों संस्थानों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।