वॉशिंगटन। अमेरिकी इमिग्रेशन फीस में बढ़ोतरी आज यानी 16 अक्टूबर 2026 से लागू हो गई है। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) ने शरण आवेदन, रोजगार प्राधिकरण दस्तावेज, अस्थायी संरक्षित दर्जा (TPS) और कुछ इमिग्रेशन पैरोल लाभों से जुड़े शुल्क बढ़ाए हैं। Mint की रिपोर्ट के अनुसार, यह बदलाव हर साल होने वाले मुद्रास्फीति समायोजन का हिस्सा है।
किन शुल्कों में हुआ बदलाव
रिपोर्ट के मुताबिक, संशोधित शुल्क चार श्रेणियों के इमिग्रेशन लाभों पर लागू होते हैं। USCIS ने पहले बताया था कि यह संशोधन जुलाई 2025 से जुलाई 2026 के बीच की महंगाई को दर्शाता है और अपेक्षाकृत मामूली है। यह समायोजन H.R. 1 नामक कानून के तहत अनिवार्य किया गया है।
30 सितंबर को जारी अधिसूचना के अनुसार, 16 अक्टूबर या उसके बाद डाक से भेजे गए आवेदनों के साथ नया शुल्क देना होगा। गलत शुल्क के साथ भेजे गए आवेदन खारिज किए जा सकते हैं। एजेंसी ने आवेदकों को आगाह किया है कि वे आवेदन भेजने से पहले लागू शुल्क की पुष्टि कर लें।
H-1B और छात्रों पर क्या असर
रिपोर्ट के अनुसार, इस संशोधन में H-1B कर्मचारियों, अंतरराष्ट्रीय छात्रों या ग्रीन कार्ड आवेदकों के लिए कोई सामान्य शुल्क वृद्धि नहीं की गई है। केवल इन वीजा श्रेणियों में होने के कारण कोई व्यक्ति अपने आप बढ़े हुए शुल्क के दायरे में नहीं आता। ग्रीन कार्ड आवेदन शुल्क में भी किसी एकमुश्त बढ़ोतरी की घोषणा नहीं हुई है।
हालांकि, इन समूहों के जो लोग अलग से किसी ऐसे लाभ के लिए आवेदन करते हैं जो संशोधित सूची में शामिल है, उन पर परिस्थितियों के अनुसार असर पड़ सकता है। उदाहरण के लिए, अमेरिका में रह रहे जो भारतीय रोजगार प्राधिकरण या TPS के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें नया शुल्क देना होगा।
लंबित आवेदनों का क्या होगा
रिपोर्ट में कहा गया है कि घोषणा के अनुसार हर लंबित आवेदन पर अपने आप अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। नया शुल्क केवल उन्हीं अनुरोधों पर लागू होगा जो प्रभावी तिथि के बाद डाक से भेजे गए हों और जिनमें संशोधित भुगतान की जरूरत हो।
भारतीय आवेदकों के लिए अहम बात यह है कि वे इन लक्षित शुल्क वृद्धियों और वीजा याचिका, वीजा आवेदन तथा ग्रीन कार्ड प्रक्रिया पर लगने वाले अलग शुल्कों के बीच फर्क समझें। आवेदकों को यह जांच लेना चाहिए कि उनका अनुरोध प्रभावित श्रेणियों में आता है या नहीं।
भारतीयों के लिए क्यों अहम
अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर H-1B वीजा पर काम करते हैं और बड़ी संख्या में भारतीय छात्र वहां पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में अमेरिकी इमिग्रेशन फीस से जुड़ी हर घोषणा पर भारतीय समुदाय की नजर रहती है। रिपोर्ट के अनुसार, इस बार की बढ़ोतरी सीमित दायरे की है, लेकिन आवेदकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
USCIS की चेतावनी का सीधा मतलब यह है कि शुल्क की छोटी सी गलती भी आवेदन खारिज होने का कारण बन सकती है। इसलिए रिपोर्ट में आवेदकों को आवेदन भेजने से पहले एजेंसी की ताजा शुल्क सूची देखने की सलाह दी गई है।
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स्रोत: Mint। फोटो: DΛVΞ GΛRCIΛ / Pexels