संयुक्त राष्ट्र। भारत ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को ‘बेहद चिंताजनक’ बताया है और सऊदी हवाई अड्डों समेत नागरिक ढांचे, व्यापारिक जहाजों और भारतीय नाविकों पर बार-बार हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को सुरक्षा परिषद (UNSC) में पश्चिम एशिया की स्थिति पर बहस के दौरान यह बात कही। The Hindu ने यह रिपोर्ट दी है।
‘मध्य पूर्व में भारत के बड़े हित’
पर्वतनेनी ने कहा कि मध्य पूर्व की सुरक्षा और स्थिरता में भारत के बहुत बड़े हित जुड़े हैं। उनके अनुसार, इस क्षेत्र के लोगों को सामान्य स्थिति और स्थायी शांति की जरूरत है, और शांति केवल युद्ध की अनुपस्थिति नहीं है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में तनाव बढ़ना आज अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने एक प्रमुख चुनौती बन चुका है।
भारतीय राजदूत ने पिछले कुछ दिनों में सऊदी हवाई अड्डों सहित नागरिक ढांचे पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों में जानें गई हैं, जिनमें रियाद में भारतीय नागरिक मोहम्मद यूसुफ अली की मौत भी शामिल है। पर्वतनेनी ने कहा कि भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा में सऊदी अरब की सरकार और लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है।
व्यापारिक जहाजों पर हमलों की निंदा
भारत ने तत्काल तनाव कम करने और संवाद व कूटनीति के जरिए संघर्ष के समाधान की जरूरत दोहराई। पर्वतनेनी ने कहा कि व्यापारिक जहाजों, नाविकों और नागरिक ढांचे पर हमले बंद होने चाहिए। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत नौवहन की स्वतंत्रता और समुद्री व्यापार का निर्बाध प्रवाह बनाए रखना जरूरी है।
राजदूत ने परिषद को बताया कि इस सप्ताह भारतीय ध्वज वाले जहाज MV DP World Cauvery, पिछले सप्ताह MT Petro Dolphin और MT Valthera तथा उससे पहले के सप्ताह MT On Peace और MT Kazimah III पर हुए हमले गहरी चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से कई जहाजों पर भारतीय नाविक हैं और उनकी सुरक्षा भारत की सीधी जिम्मेदारी है। उन्होंने भारतीय नाविकों की सुरक्षा में मदद के लिए ओमान और UAE के अधिकारियों का धन्यवाद किया।
नाविकों की सुरक्षा के लिए ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स’
रिपोर्ट के अनुसार, भारत और लाइबेरिया ने पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सप्ताह के दौरान जहाजरानी और नाविकों की सुरक्षा पर ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स’ की शुरुआत की थी। पर्वतनेनी ने बताया कि इसमें 23 सदस्य देश शामिल हुए हैं। उन्होंने नई दिल्ली में हुए BRICS शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सीफेयरर्स इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क’ के प्रस्ताव का भी जिक्र किया।
गाजा, यमन और लेबनान पर रुख
यमन पर भारत ने उसकी एकता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। पर्वतनेनी ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य और दक्षिणी लाल सागर की सुरक्षा को साझा अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी बताया।
उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के संकट पर वैश्विक ध्यान गाजा के गंभीर मानवीय संकट से नहीं हटना चाहिए। उनके अनुसार, भारत दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन करता है और UNRWA में 5.2 करोड़ डॉलर से अधिक का योगदान दे चुका है। लेबनान पर भारत ने कहा कि UNIFIL शांति सैनिक कभी निशाना नहीं बनने चाहिए और संयुक्त राष्ट्र परिसरों की पवित्रता का पूरा सम्मान होना चाहिए।
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स्रोत: The Hindu। फोटो: Fred dendoktoor / Pexels