वॉशिंगटन। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी Anthropic ने शुक्रवार को पुष्टि की कि वह अमेरिकी सांसदों के बीच AI कानून का एक मसौदा साझा कर रही है। AI असिस्टेंट Claude बनाने वाली इस कंपनी के अनुसार, इसका उद्देश्य इस तकनीक से जुड़े जोखिमों पर संघीय कानून की कमी को दूर करना है।
मसौदे में क्या है
The Hindu की रिपोर्ट के अनुसार, इस मसौदे की जानकारी सबसे पहले Politico ने दी थी। प्रस्ताव के तहत यदि किसी AI मॉडल से 50 से अधिक लोगों की मौत या गंभीर चोट, अथवा एक अरब डॉलर से ज्यादा के नुकसान का तात्कालिक खतरा हो, तो अमेरिकी सरकार उसकी रिलीज या इस्तेमाल पर रोक लगा सकेगी।
हालांकि, मसौदे के अनुसार ऐसी रोक केवल किसी न्यायाधीश की मंजूरी के बाद ही लगाई जा सकेगी। प्रस्तावित कानून कैलिफोर्निया जैसे कुछ राज्यों में लागू AI कानूनों पर भी प्रभावी होगा।
कंपनी का पक्ष
कंपनी के एक प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी AFP से कहा कि यह प्रस्ताव संघीय सरकार को सबसे शक्तिशाली मॉडलों की खतरनाक तैनाती को रोकने का अधिकार देता है। प्रवक्ता के अनुसार, इसमें अग्रणी डेवलपर्स के लिए अपने सबसे शक्तिशाली मॉडलों की जांच करना, नतीजों को लेकर जनता के प्रति पारदर्शी रहना, स्वतंत्र मूल्यांकन कराना और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना अनिवार्य होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, Anthropic ने जून 2026 में लिखा था कि मजबूत संघीय कानून के अभाव में राज्यों को कानून बनाने का पूरा अधिकार रहना चाहिए।
अमेरिका में AI नीति की स्थिति
रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिका की AI नीति मुख्य रूप से उद्योग की स्वैच्छिक प्रतिबद्धताओं और कार्यकारी आदेशों पर टिकी रही है। राजनीतिक रूप से बंटी अमेरिकी कांग्रेस अब तक कोई संघीय AI कानून पारित नहीं कर पाई है।
कांग्रेस का सत्र अगले महीने होने वाले मध्यावधि चुनावों के बाद तक स्थगित है। हाल में AI एजेंटों से जुड़ी कुछ सुरक्षा घटनाओं के सामने आने के बाद यह मुद्दा चर्चा में आया है। AI एजेंट ऐसे सॉफ्टवेयर होते हैं जो लगातार मानवीय निगरानी के बिना काम करते हैं।
सरकार के साथ कंपनी के संबंध
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने फरवरी 2026 में Anthropic पर पेंटागन से जुड़े काम को लेकर प्रतिबंध लगाया था। जून 2026 में सरकार के कहने पर कंपनी को अपने सबसे उन्नत मॉडलों को लगभग तीन सप्ताह के लिए निलंबित करना पड़ा था।
कंपनी के CEO डारियो अमोदेई ने पिछले महीने उद्योग से विकास की रफ्तार धीमी करने की अपील की थी। वहीं, ट्रंप ने तकनीक की गति धीमी करने की मांगों को ‘नकारात्मक ताकतें’ कहकर खारिज किया है।
विशेषज्ञ की राय
इंस्टीट्यूट फॉर लॉ एंड AI से जुड़े चार्ली बुलक ने इस प्रस्ताव को काफी हद तक उचित बताया और कहा कि यह अन्य अग्रणी AI कंपनियों की तुलना में अधिक है। हालांकि, उन्होंने X पर लिखा कि यह प्रस्ताव इस गर्मी में प्रतिनिधि सभा में पेश किए गए FRONTIER Act की तुलना में कमजोर है।
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स्रोत: The Hindu। फोटो: Markus Winkler / Pexels