दूसरों के लिए जीना ही जीवन की सच्ची सार्थकता है। इसी भावना को साकार करते हुए झज्जर जिले के गांव धारौली की सामाजिक संस्था मां-मातृभूमि सेवा समिति ने राजकीय उच्च विद्यालय, सुधराना, ब्लॉक नाहड़, जिला रेवाड़ी में वस्त्र समर्पण सेवा कार्यक्रम आयोजित कर 98 जरूरतमंद विद्यार्थियों को निःशुल्क स्वेटर वितरित किए। स्वेटर पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
समिति के अध्यक्ष एवं 25 बार रक्तदान कर चुके समाजसेवी युद्धवीर सिंह लांबा ने बताया कि कार्यक्रम में समाजसेविका लक्ष्मी सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सुधराना गांव के समाजसेवी एवं 19 बार रक्तदान कर चुके नीरज कुमार जांगड़ा विशिष्ट अतिथि रहे, जबकि विद्यालय के मुख्याध्यापक दिनेश कुमार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
इस सेवा कार्य को सफल बनाने में समाजसेवी एवं शिक्षाविद सुखबीर जाखड़, चेयरमैन, रिलायंस ग्रुप ऑफ स्कूल्स; हरियाणा सरकार में जूनियर इंजीनियर अजय मलिक, खानपुर कलां, सोनीपत; मास्टर हरबीर मल्हान, गिरधरपुर; धर्मेंद्र यादव, डायरेक्टर, मेडी-जेईई करियर इंस्टीट्यूट, कोसली; मास्टर पवन कुमार, धनीरवास; इंजीनियर अजय जांगड़ा, भिवानी; संजीव घणघस, असिस्टेंट टैक्सेशन ऑफिसर, दिल्ली; इंजीनियर अमित दांगी, सिंचाई विभाग, हरियाणा सरकार, मदीना, रोहतक; युद्धवीर सिंह लांबा, धारौली; नीरज कुमार जांगड़ा, सुधराना; सोनू कुमार, सोनू मोटर वाइंडिंग सेंटर, धारौली; रक्तदानी लक्ष्मी सिंह, सुधराना; मास्टर रोहित यादव, लेवी डिस्पोजल हाउस, कोसली; मास्टर कुलवेंद्र सिंह यादव, मुमताजपुर, रेवाड़ी; विक्रांत शर्मा, मैनेजर, ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल, बहादुरगढ़ एवं नव जीवन हॉस्पिटल, मॉडल टाउन, रोहतक; पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित मंजीत सिंह, श्रीहंस बैग व स्टेशनरी हाउस, कोसली; सेवानिवृत्त नायब सूबेदार विक्रम सिंह लांबा, धारौली तथा समाजसेवी एवं रक्तदानी नितेश भौरिया, अर्बन युवा रेडीमेड स्टोर, कोसली सहित 18 सहयोगियों ने अपनी नेक कमाई से योगदान दिया।
कार्यक्रम में भाकली गांव के शिक्षाविद मास्टर सतीश यादव ने प्रत्येक विद्यार्थी को एक-एक पेन भेंट किया, जबकि सुधराना गांव के सतबीर जी ने सभी विद्यार्थियों को एक-एक कॉपी और एक-एक पेन प्रदान किए। मां-मातृभूमि सेवा समिति की इस सराहनीय पहल ने जरूरतमंद बच्चों की सहायता के साथ-साथ समाज में सेवा, सहयोग और शिक्षा के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया।