देश के प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकार एवं कर्तव्यों की जानकारी होनी चाहिए

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आरटीआई इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के द्वारा नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय सूचना का अधिकार दिवस एवं सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देश के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्घाटन केन्द्रीय सूचना आयोग के सूचना आयुक्त सुरेश चन्द्र ने किया। इस अवसर पर अपने उद्घाटन भाषण में सुरेश चन्द्र ने कहा कि लोक सूचना अधिकारियों को सूचना का अधिकार अधिनियम की विस्तृत जानकारी होनी चाहिए तभी वे अपने दायित्व का उचित निर्वहन कर पाएंगें। यदि कोई सूचना नहीं दी जाती है तो लोक सूचना अधिकारियों को उसका उचित विवरण जरुर देना चाहिए।

सुरेश चन्द्र ने आरटीआई इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के द्वारा आयोजित सफल सम्मेलन के लिए संस्थान के अध्यक्ष मनीष कुमार शेखर को बधाई दी। मुख्य अतिथि भारत सरकार के पूर्व मंत्री एवं बिहार विधान परिषद सदस्य डॉ संजय पासवान ने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकार एवं कर्तव्यों की जानकारी होनी चाहिए। डॉ पासवान ने कहा कि आरटीआई इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के द्वारा प्रति वर्ष आयोजित इस कार्यक्रम से आरटीआई एक्टीविस्ट एवं लोक सूचना अधिकारियों को काफी लाभ मिलता है । भारतीय विश्वविद्यालय परिसंघ के अध्यक्ष कुलाधिपति डॉ प्रियरंजन त्रिवेदी ने कहा कि आरटीआई इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के द्वारा पत्राचार के माध्यम से चलाया जा रहा एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रम लोक सूचना अधिकारी एवं सभी लोगों के लिए काफी उपयोगी है जिससे लोगों को सूचना का अधिकार अधिनियम को जानने एवं समझने में मदद मिलती है।

विश्वविख्यात प्राकृतिक चिकित्सक कुलाधिपति डॉ एस. एन. पाण्डेय ने जीवन जीने की शैली एवं तनाव रहित जीवन की महता को बताया । आरटीआई इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनीष कुमार शेखर ने कहा कि सभी को सूचना का अधिकार के प्रयोग को सीखना आवश्यक है ताकि देश एवं समाज के विकास में अपना सकारात्मक योगदान दे सके। सभी को एक सजग नागरिक के रुप में सरकार के कार्य एवं कार्य़ प्रणाली को जानना एवं सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक लाभ दिलाने के लिए कार्य करना जरुरी है।  आरटीआई विशेषज्ञ एवं लेखक डॉ. नीरज कुमार ने प्रशिक्षण व्याख्यान दिया। सम्मेलन में आरटीआई इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के द्वारा प्रकाशित पीआईओ हैंडबुक पुस्तक का लोकार्पण किया गया। धन्यवाद ज्ञापन आरटीआई इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के निदेशक-जन संपर्क कुन्दन कुमार मधुकर ने किया।

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