Skip to content
July 22, 2026
  • Facebook
  • Youtube
  • X (Twitter)
  • Instagram

Rashtra Times

Largest Hindi Weekly newspaper of india

Primary Menu
  • Home
  • राजनीति
  • E-Paper
  • दुनिया
  • धार्मिक
  • तकनीक
  • Astrology
  • मनोरंजन
  • Astrology
  • बिज़नेस
  • Polls
  • स्वास्थ्य
  • खेल
वीडियो समाचार
  • Home
  • 2025
  • March
  • 6
  • राजनीति
  • नुक्कड़ नाटकों से समाज में जन चेतना जागृत होती है –प्रो.चौधरी
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

नुक्कड़ नाटकों से समाज में जन चेतना जागृत होती है –प्रो.चौधरी

rashtratimesnewspaper March 6, 2025 1 min read
WhatsApp Image 2025-03-06 at 3.19.35 PM

दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध श्री अरबिंदो कॉलेज के तत्वावधान में राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा सांस्कृतिक महोत्सव कार्यक्रम –2025 के अंतर्गत ” उन्नति ” संस्था के माध्यम से अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का उद्घाटन कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर अरुण चौधरी ने दीप प्रज्वलित करके किया । बता दें कि इस बार सबसे ज्यादा नुक्कड़ नाटकों की टीमों ने भाग लिया । इस अवसर पर उन्नति की संयोजिका प्रो. शुभांजलि चोपड़ा , डॉ.हंसराज सुमन , डॉ.आकृति सैनी , डॉ. प्रियंका बेदी , डॉ. सोनिया लोहिया , डॉ. सोनिया रक्साल , डॉ.दिनेश कुमार , डॉ. कपिल व उन्नति की अध्यक्ष कु.श्रेया पुरी , कु.प्राची व एंकरिंग कु. अदिति द्विवेदी ने किया ।

सांस्कृतिक महोत्सव कार्यक्रम के अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए प्रोफेसर अरुण चौधरी ने सांस्कृतिक कार्यक्रम व नुक्कड़ नाटकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नुक्‍कड़ नाटक एक ऐसी नाट्य विधा है, जो परंपरागत रंगमंचीय नाटकों से भिन्‍न है। यह रंगमंच पर नहीं खेला जाता तथा आमतौर पर इसकी रचना किसी एक लेखक द्वारा नहीं की जाती, बल्कि सामाजिक परिस्थितियों और संदर्भों से उपजे विषयों को इनके द्वारा उठा लिया जाता है। उन्होंने बताया कि इसे किसी सड़क, गली, चौराहे या किसी संस्‍थान के गेट अथवा किसी भी सार्वजनिक स्‍थल पर खेला जाता है। इसकी तुलना सड़क के किनारे मजमा लगा कर तमाशा दिखाने वाले मदारी के खेल से भी की जा सकती है। यह मजमा बुद्धिजीवियों द्वारा किसी उद्देश्‍य को सामने रख कर लगाया जाता है।

प्रोफेसर चौधरी ने आगे बताया कि भारत में आधुनिक नुक्कड़ नाटक को लोकप्रिय बनाने का श्रेय सफ़दर हाशमी को जाता है। उन्होंने नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से समाज में जन चेतना जागृत करने व व्याप्त कुरीतियों , अंधविश्वास में फंसे लोगों निकालने का काम किया । प्रोफेसर चौधरी का कहना था कि कोविड-19 महामारी की वजह से नुक्कड़ नाटकों की तादाद कम हो गई है । नुक्कड़ नाटक, सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने का एक असरदार तरीका है । ये नाटक, सामाजिक परिस्थितियों और संदर्भों से जुड़े विषयों पर आधारित होते हैं । यह नाटक, बाहरी सार्वजनिक जगहों पर बिना किसी शुल्क के दर्शकों के लिए खेले जाते हैं । नुक्कड़ नाटकों का मकसद, किसी समसामायिक मुद्दे या समस्या के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करना होता है । इन नाटकों के ज़रिए, लोगों को सोचने के लिए मजबूर किया जाता है ताकि वे सुधार या बदलाव की ज़रूरत महसूस करें और उसके लिए प्रयास करें.

मीडिया संयोजक , एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हंसराज सुमन ने नुक्कड़ नाटकों की विशेषता व महत्वत्ता पर कहा कि आधुनिक युग में नुक्कड़ नाटकों का प्रचलन जन जागृति के लिए जन आन्दोलनों के रूप में किया जाता रहा है। वर्तमान समय में आधुनिकता और गतिशील जीवन शैली के कारण नुक्कड़ नाटकों के प्रति लोगों का रुझान कम हुआ है। गली नुक्कड़ पर अल्पावधि में खेले जाने वाले नाटकों की रोचकता कम नहीं हुई है परंतु लोगों का घरों में सिमट कर रह जाना एवं सामाजिक जीवन की शिथिलता ने नुक्कड़ नाटकों को उपेक्षित कर दिया है। नेटफ्लिक्स पर ओटीटी व लघु फिल्मों के प्रसारण के कारण भी लोगों की रुचि नुक्कड़ नाटकों में कम हुई है। बावजूद इसके नुक्कड़ नाटकों के कारण समाज में बहुत बड़ा बदलाव आया है । कोरोना के बाद लोगों ने अपने यूट्यूब चैनल बनाकर लघु फिल्मों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया है जिससे समाज में बदलाव हुआ है ।

डॉ. सुमन ने आगे कहा कि नुक्कड़ नाटक हमारी भारतीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं । ये नाटक सिर्फ मनोरंजन का साधन ही नहीं है बल्कि शिक्षा , जागरूकता का माध्यम भी रहे हैं। साथ ही नुक्कड़ नाटक के द्वारा कोई समुदाय और समाज अपनी मांग और समस्याएँ आसानी से सरकार तक पहुंचा सकते हैं। इस तरह से नुक्कड़ नाटक सरकार और समाज के बीच बातचीत और समस्याओं के समाधान का उत्तम माध्यम रहे हैं। नुक्कड़ नाटक विधा को जीवित रखने के लिए आवश्यक है कि नाटक और रंगमंच को पाठ्यक्रमों में लगाना होगा और रंगमंच के लिए कलाकारों को तैयार करना चाहिए ताकि नुक्कड़ नाटक महानगरों तक ही सीमित न रहे बल्कि गांवों में पहुंचकर युवा पीढ़ी को शिक्षित किया जा सकें । उन्होंने यह भी बताया कि नुक्कड़ नाटकों पर बहुत कम शोध कार्य हुए हैं विश्वविद्यालयों की शोध समिति को इस ओर ध्यान देना चाहिए तभी नुक्कड़ नाटकों के प्रति लोगों में रूचि बढ़ेगी ।

उन्नति की संयोजिका प्रो. सुभाजंलि चोपड़ा के अनुसार इन प्रतियोगिताओं में गायन प्रतियोगिता , नुक्कड़ नाटक , ओपन माइक , पीपीटी , डांस , भाषण प्रतियोगिता आदि कार्यक्रमों के माध्यम से भारत की संस्कृति व ज्ञान परम्परा को प्रदर्शित किया गया । इसमें दिल्ली विश्वविद्यालय ,आई.पी. यूनिवर्सिटी , नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी आदि विश्वविद्यालयों के अलावा विभिन्न कॉलेजों के 800 छात्रों ने भाग लिया । नुक्कड़ नाटक की लगभग 25 टीमों ने अपना पंजीकरण कराया। इसी तरह से विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में 20 से 30 टीम ने बेहतर प्रदर्शन कर दर्शकों का मनमोह लिया । सभी टीमों ने अपनी बेहतर प्रतिभा का प्रदर्शन किया ।

प्रो.चोपड़ा ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए — उनके अनुसार पीपीटी प्रतियोगिता में आईआईटी , दिल्ली ( प्रथम ) हंसराज कॉलेज ( द्वितीय ) कॉलेज ऑफ वोकेशनल ( तृतीय ) डांस प्रतियोगिता में –तनुष्का व जान्हवी , आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज ( प्रथम ) कु.सोनल , डीसीएसी कॉलेज ( द्वितीय ) मैरी , विशाखा व सान्या एनजीओ ( तृतीय ) नुक्कड़ नाटक में पीजीडीएवी कॉलेज ( प्रथम ) श्री अरबिंदो कॉलेज ( द्वितीय ) देशबंधु कॉलेज ( तृतीय ) पेंटिंग प्रतियोगिता में श्री अरबिंदो कॉलेज ( प्रथम ) शहीद भगतसिंह कॉलेज ( द्वितीय ) अमेठी यूनिवर्सिटी , नोएडा ( तृतीय ) पुरस्कार दिया गया । कार्यक्रम में आए सभी कॉलेज टीम का धन्यवाद प्रो.चोपड़ा ने किया ।

About Author

rashtratimesnewspaper

राष्ट्र टाइम्स हिंदी साप्ताहिक समाचारपत्र है, जो 1981 में शुरू किया गया था। यह समाचारपत्र भारत की राजधानी नई दिल्ली स्थित है और हर सप्ताह जारी किया जाता है। इस समाचारपत्र के उद्देश्य के रूप में देश और विदेश की ताजा घटनाओं की विस्तृत विवरण प्रदान करना और आधुनिक समाज में जागरूकता बढ़ाना शामिल है।

राष्ट्र टाइम्स को नई दिल्ली के प्रमुख समाचारपत्रों में से एक माना जाता है जिसका पैमाना देश और दुनिया भर में बड़े वर्गों तक होता है। इस समाचारपत्र का मुख्य आधार हिंदी भाषा है जिससे उन लोगों तक समाचार पहुंचता है जो अंग्रेजी नहीं जानते हैं।

इस समाचारपत्र में व्यापक क्षेत्रों पर विशेषज्ञता वाले न्यूज रिपोर्टरों और लेखकों की टीम है, जो उन विषयों पर विस्तृत रूप से विचार करते हैं जो उन्हें महत्वपूर्ण लगते हैं।

See author's posts

Post navigation

Previous: लर्निंग स्पाइरल ने एआई ग्रोथ को समर्थन देने के लिए अपने वर्कफोर्स का विस्तार किया
Next: राष्ट्र टाइम्स, वर्षः 45, अंकः 10, नई दिल्ली, 09 से 15 मार्च 2025

संबंधित कहानियां

WhatsApp Image 2026-07-19 at 15.39.07
1 min read
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता स्व. अमर मेहता को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

rashtratimesnewspaper July 20, 2026 0
WhatsApp Image 2026-07-20 at 06.57.45
1 min read
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

मुक्त मनीषा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समिति, डबरा की नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन

rashtratimesnewspaper July 20, 2026 0
WhatsApp Image 2026-07-19 at 23.59.05
1 min read
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार का सख्त संदेश, ‘जनता का भरोसा सर्वोपरि’

rashtratimesnewspaper July 20, 2026 0

लेखक के बारे में

Vijay Shankar Chaturvedi

ट्रेंडिंग समाचार

कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता स्व. अमर मेहता को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि WhatsApp Image 2026-07-19 at 15.39.07 1
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता स्व. अमर मेहता को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

July 20, 2026 0
करोलबाग संत निरंकारी सत्संग भवन में रक्तदान शिविर आयोजित WhatsApp Image 2026-07-20 at 07.24.41 2
  • स्वास्थ्य

करोलबाग संत निरंकारी सत्संग भवन में रक्तदान शिविर आयोजित

July 20, 2026 0
मुक्त मनीषा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समिति, डबरा की नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन WhatsApp Image 2026-07-20 at 06.57.45 3
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

मुक्त मनीषा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समिति, डबरा की नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन

July 20, 2026 0
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार का सख्त संदेश, ‘जनता का भरोसा सर्वोपरि’ WhatsApp Image 2026-07-19 at 23.59.05 4
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार का सख्त संदेश, ‘जनता का भरोसा सर्वोपरि’

July 20, 2026 0
दिल्ली के विकास में शीला दीक्षित का योगदान अविस्मरणीय : विजय शंकर चतुर्वेदी WhatsApp Image 2026-07-19 at 23.03.14 5
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

दिल्ली के विकास में शीला दीक्षित का योगदान अविस्मरणीय : विजय शंकर चतुर्वेदी

July 20, 2026 0
  • Share on Facebook
  • Share on Twitter
  • Share on LinkedIn

हो सकता है आप चूक गए हों

WhatsApp Image 2026-07-19 at 15.39.07
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता स्व. अमर मेहता को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

rashtratimesnewspaper July 20, 2026 0
WhatsApp Image 2026-07-20 at 07.24.41
1 min read
  • स्वास्थ्य

करोलबाग संत निरंकारी सत्संग भवन में रक्तदान शिविर आयोजित

rashtratimesnewspaper July 20, 2026 0
WhatsApp Image 2026-07-20 at 06.57.45
1 min read
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

मुक्त मनीषा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समिति, डबरा की नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन

rashtratimesnewspaper July 20, 2026 0
WhatsApp Image 2026-07-19 at 23.59.05
1 min read
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार का सख्त संदेश, ‘जनता का भरोसा सर्वोपरि’

rashtratimesnewspaper July 20, 2026 0

Meta

  • Log in
  • Entries feed
  • Comments feed
  • WordPress.org

नवीनतम

  • कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता स्व. अमर मेहता को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
  • करोलबाग संत निरंकारी सत्संग भवन में रक्तदान शिविर आयोजित
  • मुक्त मनीषा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समिति, डबरा की नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन
  • भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार का सख्त संदेश, ‘जनता का भरोसा सर्वोपरि’
  • दिल्ली के विकास में शीला दीक्षित का योगदान अविस्मरणीय : विजय शंकर चतुर्वेदी

श्रेणियाँ

  • E-Paper
  • Uncategorized
  • खेल
  • तकनीक
  • दुनिया
  • धार्मिक
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • स्वास्थ्य
कॉपीराइट © सर्वाधिकार सुरक्षित rashtratimes | MoreNews by AF themes.