स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति द्वारा संचालित “हर महीने प्रथम रविवार, दस बजे, दस मिनट—स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व शहीदों के नाम” अभियान के अंतर्गत आज देश के विभिन्न प्रांतों में 38वें रविवार को राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, शहीद स्मारकों व प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डाला गया।
हरिद्वार के ज्वालापुर स्थित अमर शहीद जगदीश वत्स पार्क (जटवाड़ा पुल के निकट) में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी भारत भूषण विद्यालंकार ने ध्वजारोहण किया। इसके पश्चात शहीद जगदीश वत्स की प्रतिमा पर जितेन्द्र रघुवंशी एवं पत्रकार शशि शर्मा ने माल्यार्पण किया। उपस्थित स्वतंत्रता सेनानी परिवारों एवं गणमान्य नागरिकों ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के आमंत्रण पर अंडमान-निकोबार (श्री विजय पुरम) में आयोजित पराक्रम दिवस से लौटे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने सेलुलर जेल में स्वतंत्रता सेनानियों को दी गई अमानवीय यातनाओं का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र वातावरण में सांस ले रहे हैं, उसके लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने कालापानी जैसी क्रूर सजा झेली। इन यातनाओं को देखकर हृदय विदीर्ण हो जाता है।
रघुवंशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लालकिले से की गई घोषणा “स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सपनों का भारत बनाएंगे” को यदि 2047 तक साकार करना है, तो विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका तथा पत्रकारिता से जुड़े सभी लोगों को एक बार सेलुलर जेल अवश्य देखनी चाहिए, ताकि स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिवारों के प्रति संवेदनशीलता व सम्मान का भाव विकसित हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक स्वतंत्रता सेनानियों और उनके उत्तराधिकारियों को उनका वास्तविक सम्मान और संरक्षण नहीं मिलेगा, समिति का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।

महान स्वतंत्रता सेनानी नन्दलाल धींगरा की पुत्री एवं वरिष्ठ पत्रकार शशि शर्मा ने समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को एक सूत्र में पिरोने का कार्य अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि बिखरे हुए मोतियों को माला में पिरोने जैसा कार्य जितेन्द्र रघुवंशी कर रहे हैं और सभी को संगठित होकर अपने पूर्वजों के सम्मान के लिए संघर्ष करना चाहिए।
वरिष्ठ साहित्यकार व चेतना पथ के संपादक अरुण पाठक ने कहा कि सरकार को प्रत्येक जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं गुमनाम शहीदों का जीवन परिचय प्रकाशित कर उसे माध्यमिक विद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी देशभक्ति से प्रेरित हो सके।

कार्यक्रम के समापन पर दिवंगत स्वतंत्रता सेनानी परिवारजनों—बलवंत सिंह के पुत्र सुभाष घई, दिनेश शर्मा की पुत्री रश्मि शर्मा एवं रघुनाथ सैनी की पुत्रवधु लीलावती जी—की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर कैलाश वैष्णव, ललित चौहान, अनुराग सिंह गौतम, आदित्य गहलोत, शिवेन्द्र गहलोत, परमेश चौधरी, सुभाष धींगरा, बालकिशन शर्मा, डॉ. वेद प्रकाश आर्य, राहुल कौशिक, सुनील चौहान, नरेन्द्र वर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।