विज्ञान भवन में आयोजित प्रतिष्ठित नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में दिल्ली राज्य पैरा ओलंपिक समिति की अध्यक्ष पारुल सिंह ने भाग लेकर पैरा खेल समुदाय और व्यापक पैरा समाज का प्रभावशाली प्रतिनिधित्व किया। इस अवसर पर उन्होंने विशेष रूप से दिव्यांग महिलाओं के अधिकार, अवसर और सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 21वीं सदी का ऐतिहासिक सुधार बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से शासन अधिक समावेशी, संवेदनशील और प्रभावी बनता है। इस अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज और कमलजीत सहरावत सहित अनेक गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं। पारुल सिंह ने अपने विचार रखते हुए कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय मंच महिलाओं के योगदान को पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिसमें पैरा समुदाय की महिलाएं भी बराबरी से शामिल हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और दिल्ली सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पैरा समुदाय की महिलाएं अनेक सामाजिक और संरचनात्मक चुनौतियों के बावजूद अपनी प्रतिभा और क्षमता के दम पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि दिव्यांग महिलाओं के लिए बेहतर पहुंच (Accessibility), समान अवसर (Equal Opportunities) और मजबूत नीतिगत समर्थन (Policy Support) सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे मुख्यधारा में पूर्ण भागीदारी निभा सकें।
पारुल सिंह ने यह भी रेखांकित किया कि आज महिलाएं उन क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रही हैं, जिन्हें कभी पुरुष प्रधान माना जाता था। यह बदलाव समाज में सकारात्मक सोच और समानता की दिशा में एक मजबूत संकेत है। उन्होंने कहा कि आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से शासन व्यवस्था और अधिक मजबूत होती है, जिसका सीधा लाभ स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में देखने को मिलता है l कार्यक्रम के अंत में पारुल सिंह ने सभी महिलाओं से आह्वान किया कि वे सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भागीदारी निभाएं और देश के विकास में अपनी भूमिका को और अधिक सशक्त बनाएं। उन्होंने कहा कि पैरा समुदाय की महिलाओं सहित सभी महिलाओं का सशक्तिकरण ही भारत के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है, जिसके लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर प्रयास करने होंगे।