प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता विजय शंकर चतुर्वेदी ने एक महत्वपूर्ण खुलासा करते हुए बताया है कि सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी में संस्कृति मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विज्ञापनों में ₹76,13,129 खर्च किए जाने की पुष्टि हुई है।

विजय शंकर चतुर्वेदी ने कहा कि यह जानकारी पारदर्शिता के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इससे यह स्पष्ट होता है कि सार्वजनिक धन का उपयोग किन उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को ऐसे खर्चों के संबंध में स्पष्ट नीति और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि आम जनता के पैसे का उपयोग पूर्णतः जनहित में हो।
आरटीआई आवेदन के जवाब में संस्कृति मंत्रालय के AKAM सचिवालय, नई दिल्ली द्वारा 13 अप्रैल 2026 को जारी पत्र में यह जानकारी दी गई। इसमें बताया गया कि यह राशि विभिन्न प्रिंट मीडिया माध्यमों में प्रकाशित विज्ञापनों पर खर्च की गई।
चतुर्वेदी ने आगे कहा कि लोकतंत्र में सूचना का अधिकार नागरिकों को सशक्त बनाता है और इस तरह के खुलासे शासन व्यवस्था में पारदर्शिता को मजबूती देते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस विषय पर व्यापक जनचर्चा होनी चाहिए, ताकि भविष्य में सरकारी व्यय को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए जा सकें।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि आवेदक संतुष्ट नहीं है, तो वह प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है।
यह मामला अब सार्वजनिक बहस का विषय बनता जा रहा है, जहां सरकारी खर्च की प्राथमिकताओं और उसकी पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।