नेशनल सोलर एनर्जी फेडरेशन ऑफ इंडिया (एनएसईएफआई) ने देश के व्यापक डीकार्बोनाइजेशन एजेंडे को गति देने के उद्देश्य से अपनी नई सहायक इकाई “एनएसईएफआई सस्टेनेबल एनर्जी फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्री” की शुरुआत की है। यह कदम संगठन के दायरे को केवल सौर ऊर्जा तक सीमित न रखकर, ग्रीन एनर्जी और नेट ज़ीरो मिशन के व्यापक लक्ष्यों तक विस्तारित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।नई इकाई के माध्यम से एनएसईएफआई अब सौर ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण (शॉर्ट एवं लॉन्ग ड्यूरेशन), रिन्यूएबल मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ ग्रीन हाइड्रोजन और अन्य ग्रीन मॉलिक्यूल्स जैसे उभरते क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा। इसके अलावा उद्योग और मोबिलिटी सेक्टर में डीकार्बोनाइजेशन को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस रहेगा, जिससे भारत के 2070 तक नेट ज़ीरो लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर एनएसईएफआई के सीईओ सुब्रह्मण्यम पुलिपाका ने कहा कि बिजली उत्पादन के क्षेत्र में भारत ने डीकार्बोनाइजेशन के मामले में वैश्विक स्तर पर एक मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि संगठन के पास 1,000 से अधिक हितधारकों का मजबूत नेटवर्क है और अब समय आ गया है कि सप्लाई साइड के साथ-साथ डिमांड साइड को भी इस परिवर्तनकारी अभियान में शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि 2030 के ऊर्जा लक्ष्यों, 2047 तक विकसित भारत के विज़न और 2070 तक नेट ज़ीरो लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के बीच समन्वित दृष्टिकोण बेहद आवश्यक है।
एनएसईएफआई के अनुसार भारत में डीकार्बोनाइजेशन चार प्रमुख स्तंभों—बिजली, कृषि, उद्योग और मोबिलिटी—पर आधारित है। पिछले 13 वर्षों में संगठन ने बिजली क्षेत्र में डीकार्बोनाइजेशन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्ष 2023 में एनएसईएफआई ने इंडिया एग्रीवोल्टाइक्स एलायंस की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य कृषि-खाद्य श्रृंखला में टिकाऊ डीकार्बोनाइजेशन को प्रोत्साहित करना है। इसके अलावा तेजी से बढ़ते डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एनएसईएफआई ग्रीन डेटा सेंटर कोएलिशन का भी गठन किया गया था। अब नई सहायक इकाई के गठन के साथ एनएसईएफआई बिजली और कृषि क्षेत्रों में अपने मौजूदा प्रयासों को उद्योग और मोबिलिटी सेक्टर के नए फोकस क्षेत्रों के साथ जोड़ते हुए एक समेकित मंच तैयार करेगा, जिससे भारत को नेट ज़ीरो अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।