सिर्फ़ सलाह नहीं, दिल्लीवासियों को चाहिए मजबूत विकल्प और बेहतर ढांचा: अजय माकन
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था, बढ़ते ईंधन संकट, प्रदूषण और बुनियादी ढांचे की चुनौतियों के बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन ने दिल्ली परिवहन व्यवस्था पर आधारित एक विशेष 5-भागीय शृंखला की घोषणा की है। यह पूरी शृंखला उन्होंने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्रीमती शीला दीक्षित को समर्पित की है, जिनके कार्यकाल को राजधानी में आधुनिक परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के महत्वपूर्ण दौर के रूप में देखा जाता है।
इस शृंखला का पहला भाग “घोषणा” शीर्षक से जारी करते हुए अजय माकन ने कहा कि सरकारें अक्सर ईंधन संकट और प्रदूषण के समय लोगों को सलाह देती हैं कि वे निजी वाहनों का कम उपयोग करें, सार्वजनिक परिवहन अपनाएं या वैकल्पिक साधनों का उपयोग करें। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आम नागरिकों के पास वास्तव में पर्याप्त विकल्प उपलब्ध हैं? क्या दिल्ली का मौजूदा परिवहन ढांचा इतनी बड़ी आबादी की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है?
उन्होंने कहा कि यह पहल किसी राजनीतिक आलोचना के उद्देश्य से नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच और सद्भावना के साथ दिल्ली सरकार को सुझाव देने के लिए शुरू की गई है। माकन के अनुसार, “दिल्ली को वहीं से आगे बढ़ाने की जरूरत है, जहां वर्ष 2013 में शीला दीक्षित सरकार का कार्यकाल समाप्त हुआ था। उस समय दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन, फ्लाईओवर, मेट्रो विस्तार और बस सेवाओं को लेकर दीर्घकालिक सोच दिखाई देती थी।”
अजय माकन ने दावा किया कि इस पूरी शृंखला में केवल आधिकारिक और सरकारी आंकड़ों का उपयोग किया जाएगा। इनमें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), दिल्ली सरकार के ऑडिटेड खाते, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) तथा आर्थिक सर्वेक्षण जैसे विश्वसनीय स्रोत शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उद्देश्य तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर चर्चा करना है, ताकि दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को लेकर गंभीर और रचनात्मक संवाद स्थापित हो सके।
उन्होंने आगामी चार दिनों के लिए विषयवार चर्चा की रूपरेखा भी साझा की—
शृंखला के आगामी विषय:
दिन 2 — CAPEX: पैसा-पैसा का हिसाब
दिल्ली सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे और परिवहन क्षेत्र में किए गए पूंजीगत निवेश का विश्लेषण।
दिन 3 — दिल्ली मेट्रो
मेट्रो विस्तार, वित्तीय स्थिति और यात्रियों की बढ़ती जरूरतों पर चर्चा।
दिन 4 — डीटीसी की वास्तविक स्थिति
दिल्ली परिवहन निगम की बसों की संख्या, वित्तीय हालात और सेवा क्षमता का मूल्यांकन।
दिन 5 — बसें बनाम लोग
राजधानी की जनसंख्या के मुकाबले उपलब्ध बसों की संख्या और सार्वजनिक परिवहन की वास्तविक आवश्यकता पर विशेष रिपोर्ट।
राजनीतिक और परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली जैसे महानगर में बढ़ती आबादी, ट्रैफिक दबाव और प्रदूषण की समस्या के बीच सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। ऐसे समय में अजय माकन की यह शृंखला नीति-निर्माताओं और आम नागरिकों के बीच नई बहस को जन्म दे सकती है।
अजय माकन ने इस संबंध में अपनी विस्तृत पोस्ट सोशल मीडिया मंच X पर भी साझा की है, जिसे राजनीतिक और सामाजिक हलकों में व्यापक चर्चा मिल रही है।