गुवाहाटी। असम के अमर शहीद कुशल कुंवर की 83वीं पुण्यतिथि पर गुवाहाटी में विभिन्न प्रेरणादायी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमन्त बिश्व शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, स्वतंत्रता सेनानियों एवं उनके परिजनों ने श्रद्धांजलि अर्पित कर शहीद के योगदान को नमन किया।
प्रातःकालीन कार्यक्रम के अंतर्गत नेहरू पार्क स्थित कुशल कुंवर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री जयन्त बल्लभ बरुआ, सांसद श्रीमती बिजुली कलिता मेधी, विधायक मृगेन्द्र सलोनिया, कमिश्नर स्वप्नानिल पाल, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पुनेश्वर दुवारा, भोलानाथ नागोरिया, गोलक हजारिका तथा स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष द्विजेन्द्र मोहन शर्मा ने किया।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री डॉ. हिमन्त बिश्व शर्मा की माताजी भी अपने छोटे पुत्र के साथ स्वतंत्रता सेनानी सेवा सदन पहुंचीं और शहीद कुशल कुंवर को श्रद्धासुमन अर्पित किए।


दोपहर में रूपनगर स्थित स्वतंत्रता सेनानी सेवा सदन के विशाल सभागार में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने मुख्य द्वार पर स्थापित कुशल कुंवर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद सेवा सदन कार्यालय में स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा की।
राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने कार्यकारी अध्यक्ष द्विजेन्द्र मोहन शर्मा, उपाध्यक्ष कमल चन्द्र लहकर, अलका शर्मा एवं स्मिता शर्मा के साथ मुख्यमंत्री को स्वतंत्रता सेनानी परिवारों की वर्तमान स्थिति और उनकी प्रमुख मांगों से अवगत कराया। चर्चा के दौरान दिल्ली में राष्ट्रीय स्वतंत्रता सेनानी मेमोरियल, राज्यसभा में दो स्वतंत्रता सेनानी प्रतिनिधियों का मनोनयन, दिल्ली में स्वतंत्रता सेनानी सेवा सदन की स्थापना, पाठ्यपुस्तकों में स्वतंत्रता सेनानियों एवं शहीदों के जीवन परिचय को शामिल करने तथा विभिन्न समितियों में स्वतंत्रता सेनानी संगठनों के प्रतिनिधियों को स्थान देने जैसे महत्वपूर्ण विषय उठाए गए।
मुख्यमंत्री ने इन मांगों को गंभीरता से केंद्र सरकार के समक्ष रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी बताया कि असम सरकार द्वारा प्रत्येक जिले में स्वतंत्रता सेनानी सेवा सदन के निर्माण हेतु 50-50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं तथा प्रथम पीढ़ी के स्वतंत्रता सेनानी आश्रितों को सम्मान पेंशन प्रदान करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

विचार-विमर्श के पश्चात आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. हिमन्त बिश्व शर्मा, विधायक विजय गुप्ता, गृह सचिव निवेदिता लश्कर, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी का स्वागत किया गया। कार्यकारी अध्यक्ष द्विजेन्द्र मोहन शर्मा ने सभी अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अमर शहीद कुशल कुंवर के बलिदान और राष्ट्रभक्ति को स्मरण करते हुए कहा कि दिल्ली में देश के सभी दिवंगत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु एक विराट राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि असम में किसी भी स्वतंत्रता सेनानी या शहीद परिवार को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होने दी जाएगी।
राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने आयोजन के लिए असम सरकार और आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीद परिवारों से “हर महीने प्रथम रविवार, दस बजे दस मिनट स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा शहीदों के नाम” अभियान के माध्यम से प्रत्येक जिले में संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान और उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के संकल्प के साथ सम्पन्न हुआ।