पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने जयंती पर दी श्रद्धांजलि, कहा- विकास, सुशासन और जनसेवा की मिसाल थीं शीला दीक्षित
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष श्री सुभाष चोपड़ा ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्रीमती शीला दीक्षित की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राजधानी के विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
श्री चोपड़ा ने कहा कि स्वर्गीय शीला दीक्षित केवल दिल्ली की मुख्यमंत्री नहीं थीं, बल्कि आधुनिक दिल्ली की शिल्पकार थीं। उनके दूरदर्शी नेतृत्व, विकासोन्मुख सोच और जनकल्याणकारी नीतियों ने राजधानी को नई पहचान प्रदान की। उनके कार्यकाल में दिल्ली में आधारभूत संरचना, सड़क, फ्लाईओवर, सार्वजनिक परिवहन, पर्यावरण संरक्षण तथा नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई।

उन्होंने कहा कि शीला दीक्षित जी का नाम दिल्ली के विकास के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। उन्होंने विकास को जनहित से जोड़ते हुए राजधानी को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय महानगर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका सरल व्यक्तित्व, प्रशासनिक दक्षता और जनता के प्रति समर्पण आज भी जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
श्री सुभाष चोपड़ा ने कहा, “शीला दीक्षित जी का योगदान दिल्ली के प्रत्येक नागरिक के जीवन से जुड़ा हुआ है। उन्होंने विकास और सुशासन का ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। उनके जन्मदिवस पर हम उनके प्रति अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं तथा उनके आदर्शों और विकास दृष्टि को नमन करते हैं।”
उन्होंने कहा कि शीला दीक्षित का सार्वजनिक जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों, जनसेवा और विकास के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। आने वाली पीढ़ियां उनके कार्यों से प्रेरणा प्राप्त करती रहेंगी।
इस अवसर पर कांग्रेस के नेताओं, कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने भी स्वर्गीय शीला दीक्षित को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके जनहितकारी कार्यों और दिल्ली के विकास में दिए गए योगदान को स्मरण किया।