मुंबई। जियो प्लेटफॉर्म्स IPO ने बोली के अंतिम दिन एक और पड़ाव पार कर लिया है। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार यह दुनिया का पहला ऐसा इश्यू बन गया है, जिसे एक करोड़ से ज्यादा आवेदन मिले हैं। इससे पहले का वैश्विक रिकॉर्ड वारी एनर्जीज के नाम था, जिसे 97 लाख आवेदन मिले थे।
सात गुना के करीब सब्सक्रिप्शन
रिपोर्ट के मुताबिक करीब 3.2 अरब डॉलर के इस इश्यू के लिए बोली अभी जारी है। निवेशकों ने 19.75 करोड़ शेयरों की पेशकश के मुकाबले 147 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए बोली लगाई है। इस तरह इश्यू लगभग सात गुना भरा हुआ बताया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतिम आवेदनों की संख्या और बढ़ सकती है। ऐसा हुआ तो बड़ी टेलीकॉम और टेक्नोलॉजी कंपनियों के IPO के लिए एक और वैश्विक पैमाना बन सकता है।
बुधवार को खुला था इश्यू
जियो प्लेटफॉर्म्स भारत के टेलीकॉम क्षेत्र में बाजार हिस्सेदारी के लिहाज से सबसे बड़ी कंपनी बताई गई है। इसका सार्वजनिक निर्गम बुधवार को खुला था और रिपोर्ट के अनुसार निवेशकों ने 100 मिनट के भीतर इसे पूरी तरह भर दिया। इसे भारत के सबसे तेजी से भरे गए इश्यू में गिना जा रहा है।
गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को खुदरा निवेशकों का हिस्सा भी पूरी तरह भर गया। रिपोर्ट इसे बड़े भारतीय समूहों के सार्वजनिक निर्गमों के प्रति निवेशकों की बढ़ती सकारात्मक धारणा का संकेत बताती है।
संस्थागत निवेशकों की मांग
आमतौर पर विदेशी और संस्थागत निवेशक बोली के आखिरी दिन तक इंतजार करते हैं, ताकि बाजार का रुझान समझ सकें। इस बार तस्वीर अलग रही। योग्य संस्थागत खरीदारों यानी QIB ने दूसरे दिन ही इश्यू पर 10 गुना से ज्यादा बोली लगा दी थी।
NSE के ताजा आंकड़ों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि QIB की मांग बढ़कर लगभग 15 गुना तक पहुंच गई है। खुदरा निवेशकों की मांग 2.03 गुना से ऊपर रही। उन्होंने आरक्षित 8.5 करोड़ शेयरों के मुकाबले 17.29 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई।
ऊपरी प्राइस बैंड पर बोलियां
रिपोर्टों के अनुसार ज्यादातर बोलियां 1,119 रुपये के प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर लगाई गई हैं। कुल मांग 15 अरब डॉलर से अधिक हो चुकी है।
एंकर निवेशकों में अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, ब्लैकरॉक और फिडेलिटी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक आरक्षित 85.4 करोड़ डॉलर के शेयरों के मुकाबले एंकर निवेशकों की ओर से 25 अरब डॉलर से ज्यादा की बोलियां मिलीं।
अब आगे क्या
इश्यू शुक्रवार को बंद होगा। इसके बाद जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर 28 अक्टूबर को एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध होंगे। निवेशकों की नजर अब अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों और लिस्टिंग के दिन शेयर के प्रदर्शन पर रहेगी।
IPO में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है और निवेशकों को अपने स्तर पर जानकारी जुटाकर ही फैसला करना चाहिए। आवेदन और आवंटन की अंतिम तस्वीर इश्यू बंद होने के बाद ही साफ होगी।
कारोबार जगत की अन्य खबरों के लिए पढ़ें: भारत-चीन व्यापार में गैर-शुल्क बाधाएं सबसे बड़ी रुकावट: सीतारमण।
स्रोत: The Hindu – Business। फोटो: Pixabay / Pexels