एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने किया सम्मानित, चिकित्सा शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को मिलेगा बढ़ावा
चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते महत्व के बीच भारत ने एक नई उपलब्धि हासिल की है। एक ही दिन में सर्वाधिक डॉक्टरों को AI का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने का रिकॉर्ड स्थापित करने पर नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) और मेडिकल डायलॉग्स को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा सम्मानित किया गया है।
इस पहल के तहत मेडिकल डायलॉग्स ने एक ही दिन में 203 डॉक्टरों को AI का प्रशिक्षण देकर नया रिकॉर्ड बनाया। वहीं, NBEMS को इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण सहयोग के लिए विशेष सम्मान प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।

यह रिकॉर्ड 17 मई 2026 को स्थापित किया गया था, जिसकी आधिकारिक पुष्टि 11 अगस्त 2026 को हुई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉक्टरों को ChatGPT, Claude, Canva AI, Perplexity, Gamma AI और Microsoft Copilot जैसे आधुनिक AI टूल्स के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान मेडिकल रिकॉर्ड तैयार करने, डिस्चार्ज समरी, ओपीडी नोट्स, मेडिकल प्रेजेंटेशन, वैज्ञानिक शोध की समीक्षा और रोजमर्रा के चिकित्सा कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में AI की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।
मेडिकल डायलॉग्स के चेयरमैन डॉ. प्रेम अग्रवाल के मार्गदर्शन तथा संस्थापक एवं प्रधान संपादक मेघना ए. सिंघानिया के संपादकीय नेतृत्व में आयोजित इस पहल का उद्देश्य डॉक्टरों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता एवं कार्यक्षमता को बेहतर बनाने के लिए तैयार करना है।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में 31 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में सम्मान समारोह एवं प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। समारोह में NBEMS की उपाध्यक्ष एवं मानद कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू बाजपेयी तथा शासी निकाय के सदस्य डॉ. राकेश शर्मा ने संस्था की ओर से सम्मान प्राप्त किया। डॉ. शर्मा ने चिकित्सा शिक्षा में AI की बढ़ती भूमिका और इस उपलब्धि के महत्व पर भी अपने विचार रखे।
गौरतलब है कि वर्ष 2015 में स्थापित मेडिकल डायलॉग्स आज देश का एक प्रमुख डिजिटल मेडिकल न्यूज एवं एजुकेशन प्लेटफॉर्म है। इसके साथ सात लाख से अधिक पंजीकृत स्वास्थ्य पेशेवर जुड़े हैं और यह 25 मेडिकल विशेषज्ञताओं से संबंधित खबरों को कवर करता है।
निस्संदेह, चिकित्सा क्षेत्र में तकनीक का यह नया अध्याय डॉक्टरों को अधिक सक्षम बनाने, चिकित्सा शिक्षा को आधुनिक स्वरूप देने और भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।