भारतीय संविधान के शिल्पकार, भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की जयंती के पावन अवसर पर राजधानी सहित देशभर में विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक संगठनों द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं वार्ड 204 के पूर्व प्रत्याशी चंदर मोहन शर्मा ने बाबा साहेब को नमन करते हुए उनके विचारों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
चंदर मोहन शर्मा ने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल एक महान विधिवेत्ता और संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और मानवाधिकारों के सबसे बड़े पैरोकार थे। उन्होंने जीवनभर दलितों, शोषितों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और एक ऐसे भारत की नींव रखी, जहां हर नागरिक को समान अवसर और सम्मान प्राप्त हो सके।
उन्होंने आगे कहा कि बाबा साहेब के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने स्वतंत्रता के समय थे। समाज में व्याप्त असमानता, भेदभाव और अन्याय को समाप्त करने के लिए हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलना होगा। शिक्षा, संगठन और संघर्ष का उनका मंत्र आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत है।
इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर संगोष्ठियों, पुष्पांजलि सभाओं और जागरूकता अभियानों का आयोजन किया गया, जहां लोगों ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने उनके द्वारा दिए गए संविधान के मूल सिद्धांत—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व—को समाज में स्थापित करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि बाबा साहेब के आदर्शों को अपनाकर ही देश को सशक्त और समरस बनाया जा सकता है। अंत में, चंदर मोहन शर्मा ने सभी देशवासियों को अंबेडकर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सामाजिक समरसता और एकता को मजबूत करने की अपील की।