- विनोद कुमार चतुर्वेदी
भरतपुर। भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भर्ती अनियमितताओं और बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में युवाओं द्वारा “युवा आक्रोश प्रदर्शन” आयोजित किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों और युवाओं ने भाग लिया तथा भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने “पेपर लीक बंद करो”, “युवाओं को न्याय दो”, “रोजगार दो, भविष्य दो” जैसे नारों के साथ अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक और भर्ती घोटालों ने लाखों युवाओं के सपनों को प्रभावित किया है तथा उनकी वर्षों की मेहनत और विश्वास को गहरा आघात पहुंचाया है।
युवाओं ने मांग की कि भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाया जाए ताकि अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल हो सके। प्रदर्शन में परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने और दोषियों को शीघ्र एवं कठोर दंड देने की भी मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, लंबित भर्तियों को शीघ्र पूरा करने, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने तथा भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। युवाओं का कहना था कि देश की प्रगति के लिए युवाओं का विश्वास और उनकी प्रतिभा सबसे बड़ी पूंजी है, इसलिए सरकार को इस विषय को गंभीरता से लेना चाहिए।
सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न युवा प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल रोजगार प्राप्त करने का नहीं, बल्कि शिक्षा और भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता को बनाए रखने का भी है।
कार्यक्रम के अंत में युवाओं ने एकजुट होकर व्यवस्था में सुधार और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। “युवा जागेगा – देश आगे बढ़ेगा” के संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर डॉ. राहुल शर्मा (मालीपुरा), रविकांत शर्मा, विनोद चतुर्वेदी, नरेंद्र, मयंक शर्मा, सौरव, विवेक, अमित चौधरी, योगेश खटाना, आकाश, उत्कर्ष उपाध्याय, अतुल शर्मा, रोहित भारद्वाज, अशोक, सौरभ पांचाल, मनोज शर्मा, गौरव तिवारी सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।