- अनूप सरदाना
सावन मास की शिवरात्रि के अवसर पर ऐतिहासिक झण्डेवाला देवी मंदिर में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मंदिर के कपाट खुलते ही शिवालय में भगवान शिव के शिवलिंग पर कांवड़ियों द्वारा लाए गए पवित्र जल से जलाभिषेक का क्रम प्रारंभ हो गया, जो दिनभर जारी रहा।

मंदिर परिसर एवं शिवालयों को विशेष रूप से फूलों और आकर्षक सजावट से अलंकृत किया गया है। प्रथम तल पर स्थित शिवालय में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर रहे हैं। वहीं, गुफा वाले शिवालय में विशेष रुद्राभिषेक की व्यवस्था की गई है, जिसकी अग्रिम बुकिंग कराई जाती है। यह विशेष रुद्राभिषेक प्रतिदिन पांच बार आयोजित किया जा रहा है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं, मानसिक शांति प्राप्त होती है तथा मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के साथ श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर पहुंच रहे हैं।

मंदिर में दर्शन और जलाभिषेक के पश्चात श्रद्धालुओं को खीर का प्रसाद भी वितरित किया जा रहा है।
इस अवसर पर झण्डेवाला देवी मंदिर के ट्रस्टी एवं अतिरिक्त प्रबंधक श्री रवीन्द्र गोयल ने कहा कि सावन शिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का विशेष पर्व है। मंदिर प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु दर्शन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि भक्तगण श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना कर सकें।
मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण, भव्य सज्जा और श्रद्धालुओं की उमड़ती भीड़ सावन शिवरात्रि की महिमा को और अधिक दिव्य बना रही है।