शास्त्री नगर स्थित यज़दानी चौक पर जश्ने ईद-ए-मिलाद-उन-नबी ﷺ के अवसर पर निकाले गए जुलूस का भव्य इस्तकबाल किया गया। इस अवसर पर समीर हुसैन गुलफाम ने जुलूस का स्वागत किया। कार्यक्रम में पीर साहब दीवाना लतीफ हुसैन साहब, व्यास कॉलोनी मस्जिद के इमाम साहब सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य एवं स्थानीय लोगों ने भाग लिया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि ईद-ए-मिलाद-उन-नबी ﷺ इस्लाम में विशेष महत्व रखने वाला अवसर है। यह रहबरे-दीन और पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद ﷺ की यौमे पैदाइश की खुशी का दिन है। उन्होंने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम ﷺ ने इंसानियत को नमाज़, रोज़ा, इबादत के आदाब, तौहीद और नेक जीवन का रास्ता दिखाया तथा लोगों को गुमराही से निकालकर हिदायत की राह दिखाई।
वक्ताओं ने कहा कि ईद-ए-मिलाद-उन-नबी ﷺ खुशी, मोहब्बत और इंसानियत का पैगाम देती है। इस मौके पर जरूरतमंदों की मदद करने, गरीबों का ख्याल रखने, बच्चों को ईदी और तोहफे देने तथा पड़ोसियों के साथ खुशियां बांटने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान “मेरे सरकार की आमद मरहबा, मेरे नबी ﷺ की आमद मरहबा” के नारों से माहौल गूंज उठा। लोगों ने आपसी भाईचारे, अमन और मोहब्बत की भावना के साथ जश्न मनाया।
वक्ताओं ने कलियर शरीफ की रूहानी परंपरा और रहमत के पैगाम का भी जिक्र करते हुए कहा कि “बाब-ए-साबरिया हर दर्द का इलाज और रहमत का दरवाजा है।” कार्यक्रम का समापन मुल्क में अमन, खुशहाली और भाईचारे की दुआ के साथ हुआ।