भुवनेश्वर। बीजू जनता दल (BJD) ने बुधवार, 14 अक्टूबर को ओडिशा राज्यपाल पद के लिए नामित ब्रज मोहन राम के एक बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार राम के हवाले से कहा गया था कि वे पदभार संभालने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे। BJD ने इस बयान को राज्यपाल पद की गरिमा के विपरीत बताया है।
BJD का बयान
पार्टी प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने एक बयान में कहा कि एक समाचार एजेंसी को दिए गए राम के जवाब को सुनकर पार्टी स्तब्ध है, जिसमें उन्होंने BJP के पार्टी संगठन को मजबूत करने की बात दोहराई है। मोहंती ने कहा कि पार्टी इस बयान की निंदा करती है, क्योंकि यह इस तथ्य को नकारता है कि राज्यपाल दलगत राजनीति से ऊपर होता है।
कौन हैं ब्रज मोहन राम
रिपोर्ट के अनुसार 68 वर्षीय ब्रज मोहन राम पहली बार 1991 में बिहार विधानसभा के लिए चुने गए थे। इसके बाद वे 1996 और 1998 में लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। बिहार के विभाजन के बाद उन्होंने झारखंड की पलामू लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया।
झारखंड से ओडिशा राजभवन तक
द हिंदू के अनुसार राम झारखंड से ओडिशा के राज्यपाल बनने वाले पहले व्यक्ति नहीं हैं। इससे पहले झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास भी इस राज्य में राज्यपाल का पद संभाल चुके हैं। अपने कार्यकाल के दौरान दास को भी BJD की ओर से इसी तरह की आलोचना का सामना करना पड़ा था।
रिपोर्ट के मुताबिक BJD ने उस समय दास के विभिन्न जिलों के लगातार दौरों पर सवाल उठाए थे। 2024 के चुनावों से पहले पार्टी ने उन्हें राज्य में BJP का ‘एजेंट’ तक करार दिया था। अब नामित राज्यपाल के बयान पर पार्टी की ताजा आपत्ति इसी पृष्ठभूमि में सामने आई है।
राज्यपाल की निष्पक्षता का सवाल
BJD का कहना है कि राज्यपाल एक संवैधानिक पद है और इस पर बैठे व्यक्ति से किसी भी राजनीतिक दल के संगठन को मजबूत करने की बात अपेक्षित नहीं है। मोहंती के बयान के अनुसार पार्टी का मानना है कि नामित राज्यपाल की टिप्पणी इस पद की निष्पक्षता की मूल अवधारणा के विपरीत है। रिपोर्ट में इस आपत्ति पर राम या BJP की ओर से किसी प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।
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स्रोत: The Hindu। फोटो: Ranjeet Chauhan / Pexels