नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बुधवार, 14 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से तीन सवाल पूछे हैं। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार विपक्ष के ‘वोट चोरी’ प्रदर्शनों की शाह की आलोचना के जवाब में कांग्रेस ने पूछा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद कितने घुसपैठिए पकड़े गए, कितनों के नाम हटाए गए और कितनों को निर्वासित किया गया।
एक्स पर पोस्ट
कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव रमेश ने एक्स पर हिंदी में लिखी पोस्ट में आरोप लगाया कि SIR के ‘शिल्पकार’ घुसपैठिए का तर्क देकर असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि असली मुद्दा लोगों से मतदान का अधिकार छीना जाना है। रमेश ने SIR को ‘शाह इंस्टिगेटेड रिमूवल’ बताते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की जोड़ी ने करीब 14 करोड़ भारतीयों से उनका संवैधानिक मताधिकार छीन लिया है।
तीन सवाल
रमेश ने लिखा कि SIR का बचाव कर रहे गृह मंत्री से उनके तीन सीधे सवाल हैं:
- कितने घुसपैठियों का पता लगाया गया?
- कितने घुसपैठियों के नाम हटाए गए?
- कितने घुसपैठियों को निर्वासित किया गया?
कांग्रेस नेता ने कहा कि 100 करोड़ भारतीयों को SIR की प्रक्रिया से गुजारा गया है और वे इसके नतीजे जानने के हकदार हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या गृह मंत्री यह कहना चाहते हैं कि ये 14 करोड़ भारतीय घुसपैठिए हैं और क्या उनके कार्यकाल में देश में घुसपैठियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है।
अमित शाह ने क्या कहा था
रिपोर्ट के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों पर अपनी पहली टिप्पणी में शाह ने मंगलवार, 13 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष से 2029 में फिर ‘करारी हार’ के लिए तैयार रहने को कहा था। उन्होंने कहा था कि जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ है और देश नेता प्रतिपक्ष की घुसपैठियों को मतदाता के रूप में पंजीकृत कराने की ‘योजना’ को समझ सकता है।
शाह ने अपने बयान में यह भी कहा था कि SIR 2024 में शुरू हुआ, जबकि कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व संभालने के बाद से लगातार हार रही है। द हिंदू के अनुसार शाह ने दावा किया कि देश के लोग नेता प्रतिपक्ष की ‘घुसपैठियों को मतदाता बनाने’ की योजना से वाकिफ हैं।
पृष्ठभूमि
रिपोर्ट के मुताबिक मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन जारी हैं। कांग्रेस इस प्रक्रिया को मतदाताओं के नाम हटाने से जोड़कर ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठा रही है, जबकि सरकार का कहना है कि यह कवायद घुसपैठियों को मतदाता सूची से बाहर रखने के लिए है।
इस मुद्दे से जुड़ी अन्य खबरें पढ़ें: देश के 12 राज्यों में SIR प्रक्रिया शुरू, हाई कोर्ट में याचिका और जंतर-मंतर पर महिला कांग्रेस का प्रदर्शन।
स्रोत: The Hindu। फोटो: Abhinav Tripathi / Pexels