लेह। लद्दाख के सांकू को शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को केंद्र शासित प्रदेश का आठवां जिला घोषित किया गया। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने नए सांकू जिला के गठन की घोषणा की। The Hindu की रिपोर्ट के अनुसार, सांकू में करीब 40,548 लोग रहते हैं।
सात महीने में दूसरी बार बढ़े जिले
रिपोर्ट के मुताबिक, यह घोषणा उस फैसले के सिर्फ सात महीने बाद आई है जिसमें इसी साल लद्दाख को पांच नए जिले दिए गए थे। उन जिलों में शाम, नुब्रा, चांगथांग, जांस्कर और द्रास शामिल थे। 2019 में केंद्र शासित प्रदेश बने लद्दाख में तब सिर्फ लेह और कारगिल दो जिले थे।
इस साल उपराज्यपाल प्रशासन ने पहले पांच नए जिले बनाए और अब आठवें जिले की घोषणा की है। रिपोर्ट के अनुसार, अब लद्दाख में कुल आठ जिले हो गए हैं, जबकि पूरे क्षेत्र की आबादी करीब 3.5 लाख है।
उपराज्यपाल ने क्या कहा
उपराज्यपाल सक्सेना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के दृष्टिकोण के अनुरूप सांकू जिला बनाने की घोषणा करते हुए उन्हें खुशी हो रही है। उनके अनुसार, यह फैसला इलाके के लोगों की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षा की परिणति है।
सक्सेना ने कहा कि यह कदम अंजुमन-ए-साहिब जमान के ‘रचनात्मक और सकारात्मक रवैये’ से संभव हुआ। उन्होंने संगठन के मुख्य संरक्षक सैयद मोहम्मद रजवी, अध्यक्ष शेख सादिक बलागी, कारगिल के मुख्य कार्यकारी पार्षद डॉ. जाफर अखून, लद्दाख के सांसद हनीफा जान और लेह के पूर्व मुख्य कार्यकारी पार्षद ताशी ग्यालसन के योगदान का उल्लेख किया।
उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया पर भी इस घोषणा की जानकारी साझा की। उन्होंने इस लक्ष्य के लिए काम करने वाले सभी लोगों को बधाई दी।
राज्य के दर्जे पर बातचीत के बीच फैसला
रिपोर्ट के अनुसार, यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब केंद्र सरकार लद्दाख के नागरिक समाज समूहों के प्रतिनिधियों के साथ राज्य के दर्जे और छठी अनुसूची की मांगों पर बातचीत कर रही है। बातचीत का ताजा दौर 15 अक्टूबर को हुआ था। अगला दौर 22 अक्टूबर को नई दिल्ली में होने की संभावना है।
लद्दाख के संगठन लंबे समय से पूर्ण राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची के तहत संरक्षण की मांग करते रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र ने इन मांगों पर चर्चा के लिए इन समूहों के प्रतिनिधियों को बातचीत में शामिल किया है।
नए जिलों के गठन के साथ लद्दाख का प्रशासनिक नक्शा इस साल पूरी तरह बदल गया है। 2019 के बाद पहली बार इस साल जिलों की संख्या दो से बढ़कर सात हुई और अब आठ हो गई है।
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स्रोत: The Hindu। फोटो: Manish Sharma / Pexels