Skip to content
October 20, 2026
  • Facebook
  • Youtube
  • X (Twitter)
  • Instagram

Rashtra Times

Largest Hindi Weekly newspaper of india

Primary Menu
  • Home
  • राजनीति
  • E-Paper
  • दुनिया
  • धार्मिक
  • तकनीक
  • Astrology
  • मनोरंजन
  • Astrology
  • बिज़नेस
  • Polls
  • स्वास्थ्य
  • खेल
वीडियो समाचार
  • Home
  • 2025
  • July
  • 10
  • धार्मिक
  • गुरु पूर्णिमा विशेष: “उज्जयिनी की गुरु परंपरा”
  • धार्मिक

गुरु पूर्णिमा विशेष: “उज्जयिनी की गुरु परंपरा”

rashtratimesnewspaper July 10, 2025 1 min read
WhatsApp Image 2025-07-08 at 3.58.08 PM (1)

राजशेखर व्यास

उज्जयिनी की गुरु परंपरा और गुरु-पूजन परंपरा विश्वविख्यात हैं। संसार की प्राचीनतम नगरियों में से एक उज्जयिनी का वैभव प्राचीन ग्रंथों में बिखरा हुआ मिलता है। स्वयं भगवान श्रीकृष्ण अपने बड़े भाई बलराम (दाऊ) के साथ न तो काशी गए, न प्रयाग – बल्कि महर्षि सांदीपनि के उज्जयिनी स्थित आश्रम में अध्ययन हेतु पहुँचे, जहाँ राज्याश्रय के बिना भी सुदामा जैसे निर्धन ब्राह्मण विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर सकते थे।

गुरु परंपरा की बात करें तो यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि द्रोणाचार्य, कृपाचार्य, विश्वामित्र या वशिष्ठ जैसे महर्षि भी किसी न किसी राजदरबार या आश्रय से जुड़े रहे। प्राचीन काल में केवल महर्षि सांदीपनि ही ऐसे गुरु थे जिनके आश्रम को किसी राजा से अनुदान प्राप्त होने का कोई उल्लेख नहीं मिलता। यही कारण है कि उनके शिष्य सत्ता पाने के लिए नहीं, बल्कि सत्ता सौंपने के लिए तैयार होते थे।

आप संपूर्ण महाभारत में श्रीकृष्ण और बलराम की भूमिका देख सकते हैं — सत्ता के लोभी नहीं, बल्कि लोक-कल्याण के वाहक थे। इतना ही नहीं, सुदामा के गाँव से ही गांधी निकले जिन्होंने दांडी यात्रा कर नेहरू को सत्ता की सीढ़ी तक पहुँचा दिया। यह प्रसंग उज्जयिनी की गौरवशाली गुरु परंपरा का प्रमाण है, जहाँ गुरु अपने घर से अन्न और वस्त्र देकर शिष्य को शिक्षित करते थे।

उज्जयिनी में रहकर कृष्ण, बलराम और सुदामा न केवल गुरु के साथ नियमित रूप से महाकाल के दर्शन करने जाते थे, बल्कि प्रतिदिन बिल्वपत्र पर महाकाल के एक नवीन नाम से अर्चना भी करते थे। यही महाकाल सहस्रनाम और महाकाल कवच आज भी मेरी पुस्तक “जयति जय उज्जयिनी” में उपलब्ध हैं।

अल्पकाल में ही यहाँ श्रीकृष्ण ने न केवल गीता ज्ञान, बल्कि चौसठ कलाएं, अष्ट सिद्धियाँ और नव निधियाँ प्राप्त कर पूर्णावतार रूप धारण किया। परंतु बहुत कम लोग जानते हैं कि उज्जयिनी की यह महान गुरु परंपरा हर युग, हर काल में सतत जीवित रही — मुगल काल में भी।

मुगल काल में उज्जयिनी में एक महान तपस्वी “जदरूप” हुए, जिनसे मिलने सम्राट अकबर से लेकर जहाँगीर तक आए। इस प्रसंग का विस्तृत वर्णन इतिहासकार अबुल फ़ज़ल ने आईने-अकबरी में किया है, और अकबरनामा में भी इनका उल्लेख मिलता है।

जहाँगीर स्वयं अपनी आत्मकथा तुज़ुक-ए-जहाँगीरी में लिखता है कि वह नौका में बैठ कर उज्जयिनी के जंगलों में गुरु संत जदरूप से मिलने जाता था और उनसे शांतिपूर्वक ज्ञान-चर्चा करता था। एक स्थान पर वह यहाँ तक लिखता है:
“मैं चाहता तो इस योगी तपस्वी को आगरा बुलाकर चर्चा कर सकता था, किंतु हिंदू धर्म के इस महापुरुष को कष्ट नहीं देना चाहता था – इसलिए स्वयं जाकर उनसे मिलता था।”

मुगल काल से लेकर अंग्रेज़ शासन तक उज्जयिनी की गुरु-गुरुकुल परंपरा अक्षुण्ण बनी रही। 1800 से 1900 के बीच महामहोपाध्याय सिद्धांतवागीश पंडित नारायणजी व्यास ने सात हज़ार विद्यार्थियों को अपने आश्रम एवं निवास में रखकर पंचांग निर्माण, ज्योतिष, व्याकरण आदि का शिक्षण कराया। उनके शिष्यों में देश-विदेश की महान विभूतियाँ रहीं — जिनमें लोकमान्य तिलक और पंडित मदन मोहन मालवीय तक उनके प्रशंसक थे।

उनके पुत्र पद्म भूषण पंडित सूर्यनारायण व्यास भी उज्जयिनी की गुरु परंपरा को आगे बढ़ाने वाले यशस्वी व्यक्तित्व रहे। उन्होंने विक्रम विश्वविद्यालय, कालिदास समारोह, कालिदास अकादमी, सिंधिया शोध प्रतिष्ठान, विक्रम कीर्ति मंदिर जैसी संस्थाओं को नगर को समर्पित कर गुरु परंपरा को जीवित रखा।

आज उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं पंडित व्यास के सुपुत्र राजशेखर व्यास, जो स्वयं 70 से अधिक ग्रंथों के लेखक, 2000 से अधिक वृत्तचित्रों और फ़िल्मों के निर्माता-निर्देशक हैं। दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक के रूप में सेवा देने के बाद आज वे नई पीढ़ी को निःशुल्क भोजन, आवास एवं ज्योतिष शिक्षण प्रदान कर रहे हैं।

उज्जयिनी की यह गौरवशाली गुरु परंपरा द्वापर युग से आज तक सतत जीवित है।
यह बात अलग है कि आज इस महान नगरी में शिष्य कम और गुरु अधिक दिखाई देते हैं…!

(राजशेखर व्यास – प्रख्यात लेखक, चिंतक, विचारक एवं पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक, दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो)

About Author

rashtratimesnewspaper

राष्ट्र टाइम्स हिंदी साप्ताहिक समाचारपत्र है, जो 1981 में शुरू किया गया था। यह समाचारपत्र भारत की राजधानी नई दिल्ली स्थित है और हर सप्ताह जारी किया जाता है। इस समाचारपत्र के उद्देश्य के रूप में देश और विदेश की ताजा घटनाओं की विस्तृत विवरण प्रदान करना और आधुनिक समाज में जागरूकता बढ़ाना शामिल है।

राष्ट्र टाइम्स को नई दिल्ली के प्रमुख समाचारपत्रों में से एक माना जाता है जिसका पैमाना देश और दुनिया भर में बड़े वर्गों तक होता है। इस समाचारपत्र का मुख्य आधार हिंदी भाषा है जिससे उन लोगों तक समाचार पहुंचता है जो अंग्रेजी नहीं जानते हैं।

इस समाचारपत्र में व्यापक क्षेत्रों पर विशेषज्ञता वाले न्यूज रिपोर्टरों और लेखकों की टीम है, जो उन विषयों पर विस्तृत रूप से विचार करते हैं जो उन्हें महत्वपूर्ण लगते हैं।

See author's posts

Post navigation

Previous: संजीवन अस्पताल ने क्षेत्र में बढ़ते कैंसर संकट से निपटने के लिए समर्पित कैंसर क्लिनिक का उद्घाटन किया
Next: भारती नगर बनी एनडीएमसी की दूसरी “अनुपम कॉलोनी”!“एक स्वच्छ और हरित कल के लिए एक साथ

संबंधित कहानियां

WhatsApp Image 2026-10-14 at 18.18.33
1 min read
  • धार्मिक

अहिल्या उद्धार से राम वन-गमन तक की लीलाओं ने मोहा मन, भावुक हुए दर्शक

rashtratimesnewspaper October 15, 2026 0
WhatsApp Image 2026-09-16 at 05.41.17
1 min read
  • धार्मिक

भागवत कथा : परम शांति के लिए भक्ति उच्च मार्ग है: ठाकुर कृष्णचन्द्र शास्त्री: ललित मोहन बंसल

rashtratimesnewspaper September 16, 2026 0
WhatsApp Image 2026-09-16 at 18.36.07
1 min read
  • धार्मिक

बैकुंठवासी मचान वाले बाबा की प्रथम पुण्यतिथि पर मूर्ति स्थापना

rashtratimesnewspaper September 16, 2026 0

लेखक के बारे में

Vijay Shankar Chaturvedi

ट्रेंडिंग समाचार

भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए रामशरण नौटियाल, उत्तराखंड सरकार पर कांग्रेस का हमला 202610193984555 1
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए रामशरण नौटियाल, उत्तराखंड सरकार पर कांग्रेस का हमला

October 20, 2026 0
सिक्किम: दुष्यंत कुमार गौतम ने लोक भवन में राज्य के राज्यपाल के रूप में ली शपथ 202610193984221 2
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

सिक्किम: दुष्यंत कुमार गौतम ने लोक भवन में राज्य के राज्यपाल के रूप में ली शपथ

October 19, 2026 0
बच्चों समेत सभी के लिए इंटरनेट मौलिक अधिकार: सुप्रीम कोर्ट t3a4fosk_internet_625x300_17_October_26 3
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

बच्चों समेत सभी के लिए इंटरनेट मौलिक अधिकार: सुप्रीम कोर्ट

October 19, 2026 0
वेनेजुएला विपक्ष ने मचाडो को नेता माना, चुनाव का रोडमैप पेश pexels-photo-38556235-1 4
  • दुनिया

वेनेजुएला विपक्ष ने मचाडो को नेता माना, चुनाव का रोडमैप पेश

October 19, 2026 0
मेरठ खादी महोत्सव शुरू: त्योहारी खरीदारी के लिए देशभर के उत्पाद pexels-photo-17996297-4 5
  • राष्ट्रीय

मेरठ खादी महोत्सव शुरू: त्योहारी खरीदारी के लिए देशभर के उत्पाद

October 19, 2026 0

हो सकता है आप चूक गए हों

202610193984555
1 min read
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए रामशरण नौटियाल, उत्तराखंड सरकार पर कांग्रेस का हमला

rashtratimesnewspaper October 20, 2026 0
202610193984221
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

सिक्किम: दुष्यंत कुमार गौतम ने लोक भवन में राज्य के राज्यपाल के रूप में ली शपथ

rashtratimesnewspaper October 19, 2026 0
t3a4fosk_internet_625x300_17_October_26
1 min read
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

बच्चों समेत सभी के लिए इंटरनेट मौलिक अधिकार: सुप्रीम कोर्ट

rashtratimesnewspaper October 19, 2026 0
pexels-photo-38556235-1
1 min read
  • दुनिया

वेनेजुएला विपक्ष ने मचाडो को नेता माना, चुनाव का रोडमैप पेश

PULKIT CHATURVEDI October 19, 2026 0

Meta

  • Log in
  • Entries feed
  • Comments feed
  • WordPress.org

नवीनतम

  • भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए रामशरण नौटियाल, उत्तराखंड सरकार पर कांग्रेस का हमला
  • सिक्किम: दुष्यंत कुमार गौतम ने लोक भवन में राज्य के राज्यपाल के रूप में ली शपथ
  • बच्चों समेत सभी के लिए इंटरनेट मौलिक अधिकार: सुप्रीम कोर्ट
  • वेनेजुएला विपक्ष ने मचाडो को नेता माना, चुनाव का रोडमैप पेश
  • मेरठ खादी महोत्सव शुरू: त्योहारी खरीदारी के लिए देशभर के उत्पाद

श्रेणियाँ

  • E-Paper
  • Uncategorized
  • खेल
  • तकनीक
  • दुनिया
  • धार्मिक
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • स्वास्थ्य
कॉपीराइट © सर्वाधिकार सुरक्षित rashtratimes | MoreNews by AF themes.