Skip to content
May 12, 2026
  • Facebook
  • Youtube
  • X (Twitter)
  • Instagram

Rashtra Times

Largest Hindi Weekly newspaper of india

Primary Menu
  • Home
  • राजनीति
  • E-Paper
  • दुनिया
  • धार्मिक
  • तकनीक
  • Astrology
  • मनोरंजन
  • Astrology
  • बिज़नेस
  • Polls
  • स्वास्थ्य
  • खेल
वीडियो समाचार
  • Home
  • 2026
  • January
  • 6
  • राजनीति
  • जल देवता से जल संकट तक : भारत का पानी युद्ध और अगली पीढ़ी के लिए चेतावनी
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

जल देवता से जल संकट तक : भारत का पानी युद्ध और अगली पीढ़ी के लिए चेतावनी

rashtratimesnewspaper January 6, 2026 1 min read
WhatsApp Image 2026-01-06 at 6.51.53 PM

— संजय राणा

भारत की सभ्यता जल से जन्मी है। नदियाँ यहाँ केवल जलधाराएँ नहीं, बल्कि संस्कृति, आस्था और जीवन का आधार रही हैं। “जल ही जीवन है” भारतीय दर्शन का मूल रहा है, किंतु आज वही भारत ऐसे दौर में खड़ा है जहाँ पानी पूजा का विषय नहीं, बल्कि संघर्ष और व्यापार का साधन बन चुका है। यह स्थिति अचानक नहीं आई, बल्कि वर्षों की उपेक्षा, अदूरदर्शी नीतियों और सामाजिक उदासीनता का परिणाम है। देश की नदियाँ दूषित हो चुकी हैं, हिमालय के ग्लेशियर तेज़ी से पिघल रहे हैं और भूमिगत जल ज़हरीला होता जा रहा है।
आज भारत में बोतलबंद पानी, आरओ फ़िल्टर और निजी जल आपूर्ति का बाज़ार लगभग पाँच लाख करोड़ रुपये तक पहुँच चुका है। यह किसी उपलब्धि का नहीं, बल्कि इस सच्चाई का संकेत है कि स्वच्छ और सुरक्षित पानी अब सहज उपलब्ध नहीं रहा। पानी धीरे-धीरे नागरिक अधिकार नहीं, बल्कि खरीदी जाने वाली वस्तु बनता जा रहा है। जल संकट का सबसे भयावह रूप दूषित पानी है। असुरक्षित जल, खराब स्वच्छता और प्रदूषण के कारण हर वर्ष चार से पाँच लाख लोगों की मृत्यु होती है। डायरिया, टाइफाइड, हैजा और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियाँ आज भी करोड़ों भारतीयों, विशेषकर बच्चों और गरीब वर्ग को प्रभावित कर रही हैं। यह केवल स्वास्थ्य व्यवस्था की नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जल प्रबंधन की गंभीर विफलता है।
अक्सर जल संकट को भविष्य की समस्या मानकर टाल दिया जाता है, जबकि यह आज का यथार्थ बन चुका है। देश के कई शहरों में भूजल स्तर खतरनाक रूप से गिर चुका है, हज़ारों गाँवों में हैंडपंप और कुएँ सूख गए हैं और नदियाँ सीवेज व औद्योगिक कचरे का नाला बनती जा रही हैं। जल संकट अब केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और सामाजिक स्थिरता से सीधा जुड़ा प्रश्न है।
सबसे चिंताजनक यह है कि जल संकट आज भी नीति निर्धारकों की प्राथमिकताओं में ‘घंटा प्रश्न’ बना हुआ है। विकास की परिभाषा सड़कों, इमारतों और आँकड़ों तक सीमित कर दी गई है, जबकि जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, पारंपरिक जल संरचनाएँ और सामुदायिक भागीदारी उपेक्षित हैं। नदियों की सफ़ाई राजनीतिक नारों तक सिमट गई है और योजनाएँ काग़ज़ों में दम तोड़ रही हैं।
यह प्रश्न केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि नैतिक भी है कि हम अगली पीढ़ी को क्या सौंप कर जा रहे हैं—सूखी नदियाँ, ज़हरीला भूजल, महँगा बोतलबंद पानी और जल के लिए संघर्ष? आज का बच्चा पानी को नदी या कुएँ से नहीं, बल्कि प्लास्टिक की बोतल से पहचान रहा है, जो हमारी संस्कृति के क्षरण का संकेत है।
अभी भी समय है। यदि जल को सार्वजनिक अधिकार के रूप में स्वीकार किया जाए, जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन को प्राथमिकता मिले, वर्षा जल संचयन को जन आंदोलन बनाया जाए, जल शिक्षा को व्यवहार में उतारा जाए और प्रत्येक विकास योजना में जल प्रभाव मूल्यांकन अनिवार्य किया जाए, तो संकट को रोका जा सकता है। जल देवता से जल संकट तक की यह यात्रा भारत के लिए चेतावनी है। यदि अब भी पानी को नज़रअंदाज़ किया गया, तो यह आने वाले समय में देश के अस्तित्व का सबसे बड़ा संकट बन जाएगा। इतिहास हमसे पूछेगा—जब पानी था, तो आपने उसे बचाया क्यों नहीं? अब भी समय है कि पानी को फिर से देवता बनाया जाए—नीति में, व्यवहार में और जीवन में।
(लेखक ख्यात सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरणविद हैं।)

About Author

rashtratimesnewspaper

राष्ट्र टाइम्स हिंदी साप्ताहिक समाचारपत्र है, जो 1981 में शुरू किया गया था। यह समाचारपत्र भारत की राजधानी नई दिल्ली स्थित है और हर सप्ताह जारी किया जाता है। इस समाचारपत्र के उद्देश्य के रूप में देश और विदेश की ताजा घटनाओं की विस्तृत विवरण प्रदान करना और आधुनिक समाज में जागरूकता बढ़ाना शामिल है।

राष्ट्र टाइम्स को नई दिल्ली के प्रमुख समाचारपत्रों में से एक माना जाता है जिसका पैमाना देश और दुनिया भर में बड़े वर्गों तक होता है। इस समाचारपत्र का मुख्य आधार हिंदी भाषा है जिससे उन लोगों तक समाचार पहुंचता है जो अंग्रेजी नहीं जानते हैं।

इस समाचारपत्र में व्यापक क्षेत्रों पर विशेषज्ञता वाले न्यूज रिपोर्टरों और लेखकों की टीम है, जो उन विषयों पर विस्तृत रूप से विचार करते हैं जो उन्हें महत्वपूर्ण लगते हैं।

See author's posts

Post navigation

Previous: लक्ष्मी नगर विधायक एवं दिल्ली विधानसभा के मुख्य सचेतक श्री अभय वर्मा जी का जन्मदिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
Next: बापू अमर हैं और अमर रहेंगे — रघु ठाकुर

संबंधित कहानियां

WhatsApp Image 2026-05-09 at 22.05.09
1 min read
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

सिंगल मदर्स के सम्मान में भावुक शाम, संघर्ष और आत्मबल को मिला सलाम

rashtratimesnewspaper May 11, 2026 0
WhatsApp Image 2026-05-10 at 09.16.10 (1)
1 min read
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

2014-15 में बीजेपी ने राष्ट्रीय दलों में सबसे अधिक आय घोषित की थी

rashtratimesnewspaper May 11, 2026 0
WhatsApp Image 2026-05-10 at 18.13.58
1 min read
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

देश के सात राज्यों में कांग्रेस और सहयोगी दलों की सरकार, विपक्ष ने बताया “जनता के भरोसे की जीत”

rashtratimesnewspaper May 11, 2026 0

लेखक के बारे में

Vijay Shankar Chaturvedi

ट्रेंडिंग समाचार

हृदय सम्राट बाबा हरदेव सिंह को समर्पित ‘समर्पण दिवस’ 13 मई को समालखा में WhatsApp Image 2026-05-11 at 16.48.39 1
  • धार्मिक

हृदय सम्राट बाबा हरदेव सिंह को समर्पित ‘समर्पण दिवस’ 13 मई को समालखा में

May 11, 2026 0
सिंगल मदर्स के सम्मान में भावुक शाम, संघर्ष और आत्मबल को मिला सलाम WhatsApp Image 2026-05-09 at 22.05.09 2
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

सिंगल मदर्स के सम्मान में भावुक शाम, संघर्ष और आत्मबल को मिला सलाम

May 11, 2026 0
2014-15 में बीजेपी ने राष्ट्रीय दलों में सबसे अधिक आय घोषित की थी WhatsApp Image 2026-05-10 at 09.16.10 (1) 3
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

2014-15 में बीजेपी ने राष्ट्रीय दलों में सबसे अधिक आय घोषित की थी

May 11, 2026 0
देश के सात राज्यों में कांग्रेस और सहयोगी दलों की सरकार, विपक्ष ने बताया “जनता के भरोसे की जीत” WhatsApp Image 2026-05-10 at 18.13.58 4
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

देश के सात राज्यों में कांग्रेस और सहयोगी दलों की सरकार, विपक्ष ने बताया “जनता के भरोसे की जीत”

May 11, 2026 0
NSE को-लोकेशन घोटाला: दिल्ली कोर्ट का बड़ा कदम, चित्रा रामकृष्ण समेत 44 आरोपियों को समन; CBI ने बताया कैसे चुनिंदा ब्रोकरों को मिला करोड़ों का अनुचित ट्रेडिंग फायदा WhatsApp Image 2026-05-10 at 21.07.41 5
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

NSE को-लोकेशन घोटाला: दिल्ली कोर्ट का बड़ा कदम, चित्रा रामकृष्ण समेत 44 आरोपियों को समन; CBI ने बताया कैसे चुनिंदा ब्रोकरों को मिला करोड़ों का अनुचित ट्रेडिंग फायदा

May 11, 2026 0
  • Share on Facebook
  • Share on Twitter
  • Share on LinkedIn

हो सकता है आप चूक गए हों

WhatsApp Image 2026-05-11 at 16.48.39
1 min read
  • धार्मिक

हृदय सम्राट बाबा हरदेव सिंह को समर्पित ‘समर्पण दिवस’ 13 मई को समालखा में

rashtratimesnewspaper May 11, 2026 0
WhatsApp Image 2026-05-09 at 22.05.09
1 min read
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

सिंगल मदर्स के सम्मान में भावुक शाम, संघर्ष और आत्मबल को मिला सलाम

rashtratimesnewspaper May 11, 2026 0
WhatsApp Image 2026-05-10 at 09.16.10 (1)
1 min read
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

2014-15 में बीजेपी ने राष्ट्रीय दलों में सबसे अधिक आय घोषित की थी

rashtratimesnewspaper May 11, 2026 0
WhatsApp Image 2026-05-10 at 18.13.58
1 min read
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

देश के सात राज्यों में कांग्रेस और सहयोगी दलों की सरकार, विपक्ष ने बताया “जनता के भरोसे की जीत”

rashtratimesnewspaper May 11, 2026 0

Meta

  • Log in
  • Entries feed
  • Comments feed
  • WordPress.org

नवीनतम

  • हृदय सम्राट बाबा हरदेव सिंह को समर्पित ‘समर्पण दिवस’ 13 मई को समालखा में
  • सिंगल मदर्स के सम्मान में भावुक शाम, संघर्ष और आत्मबल को मिला सलाम
  • 2014-15 में बीजेपी ने राष्ट्रीय दलों में सबसे अधिक आय घोषित की थी
  • देश के सात राज्यों में कांग्रेस और सहयोगी दलों की सरकार, विपक्ष ने बताया “जनता के भरोसे की जीत”
  • NSE को-लोकेशन घोटाला: दिल्ली कोर्ट का बड़ा कदम, चित्रा रामकृष्ण समेत 44 आरोपियों को समन; CBI ने बताया कैसे चुनिंदा ब्रोकरों को मिला करोड़ों का अनुचित ट्रेडिंग फायदा

श्रेणियाँ

  • E-Paper
  • Uncategorized
  • खेल
  • तकनीक
  • दुनिया
  • धार्मिक
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • स्वास्थ्य
कॉपीराइट © सर्वाधिकार सुरक्षित rashtratimes | MoreNews by AF themes.