समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र की मोदी सरकार की विदेश नीति पर गंभीर सवाल उठाते हुए बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। शनिवार को जारी एक बयान में सपा प्रमुख ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विचारधारा और कार्यशैली को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा का चरित्र दोहरा है— यह पार्टी ‘मुंह से स्वदेशी और मन से विदेशी’ है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार राष्ट्रवाद और स्वदेशी का सिर्फ मुखौटा पहनती है ताकि देश की जनता को गुमराह किया जा सके, जबकि हकीकत में उसकी नीतियां और आर्थिक फैसले विदेशी मल्टीनेशनल कंपनियों के हितों को साधने के लिए तैयार किए जाते हैं।
विदेश नीति पर उठाए सवाल
सपा प्रमुख ने कहा कि हाल के दिनों में भारत की विदेश नीति में निरंतर गिरावट आई है। पड़ोसियों से संबंध सुधारने के बजाय सरकार सिर्फ बड़े देशों के साथ फोटो खिंचवाने और घरेलू राजनीति के लिए उसका इस्तेमाल करने में जुटी है। उन्होंने कहा, “विदेशी मोर्चे पर हमारी कूटनीति कमजोर साबित हो रही है, जिससे देश के पारंपरिक रणनीतिक हितों को नुकसान पहुंच रहा है।”
महंगाई और बेरोजगारी पर घेरा
अखिलेश यादव ने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि केवल विदेशों में भारत का डंका बजने का खोखला दावा करने से देश के गरीबों का पेट नहीं भरेगा। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “जमीन पर सच्चाई यह है कि देश का किसान फसलों के दाम के लिए तरस रहा है, युवा बेरोजगार घूम रहा है और महंगाई आसमान छू रही है। लेकिन सरकार का ध्यान केवल इस बात पर है कि विदेशी मंचों पर सुर्खियां कैसे बटोरी जाएं।” उन्होंने मांग की कि सरकार को अपनी आर्थिक और विदेश नीतियों की समीक्षा करनी चाहिए और देश के घरेलू कुटीर उद्योगों व स्थानीय व्यापारियों को प्राथमिकता देनी चाहिए।