- जितेन्द्र रघुवंशी
हरिद्वार। जालियांवाला बाग नरसंहार की 107वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के एक दिवसीय सम्मेलन में उस समय आक्रोश का माहौल बन गया, जब पूर्व आश्वासन के बावजूद मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। उत्तराखण्ड के विभिन्न जिलों से आए सेनानी परिवारों के पदाधिकारियों ने इस पर नाराजगी जताते हुए इसे उपेक्षा करार दिया।

सम्मेलन में देशभर से आए वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानियों और उनके उत्तराधिकारियों की बड़ी भागीदारी रही। 116 वर्षीय स्वामी लेखराज और शतायु आनंद सिंह बिष्ट की उपस्थिति ने सभी को भावुक कर दिया। लोगों ने उनके चरण स्पर्श कर सम्मान व्यक्त किया।


कार्यक्रम की शुरुआत पुल जटवाड़ा स्थित अमर शहीद जगदीश वत्स पार्क में श्रद्धांजलि और ध्वजारोहण से हुई। इसके बाद विधायक आदेश चौहान द्वारा सम्मान एवं शौर्य यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर पहुंची। यात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा और स्वागत के साथ भव्य अभिनंदन किया गया।
सम्मेलन में राष्ट्रीय महामंत्री जितेंद्र रघुवंशी ने ओजस्वी संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता सेनानी परिवार आज उपेक्षा का शिकार हैं। उन्होंने कहा कि “हम भिखारी नहीं हैं, यह सम्मान की पेंशन है, जिसे अनुचित रूप से बंद किया गया है।” उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए चेताया कि यदि सेनानी परिवारों की आवाज उठी तो सत्ता की नींव हिल सकती है।

कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने अपने संबोधन में सेनानी परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनकी समस्याएं मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और प्रतिनिधिमंडल को उनसे मिलवाने का आश्वासन दिया। वहीं छत्तीसगढ़ नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्र ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी परिवारों से बड़ी कोई संस्था नहीं हो सकती और उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
कार्यक्रम के दौरान ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज में कथित अशोभनीय व्यवहार को लेकर भी सेनानी परिवारों में नाराजगी दिखी और विरोध स्वरूप नारेबाजी की गई।
अंत में सभी वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार नरेश मोहन ने किया और अध्यक्ष देशबन्धु ने आभार व्यक्त किया। सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिनिधियों ने एकजुटता का संदेश दिया, लेकिन मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति ने पूरे आयोजन की गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए।