नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने अपने क्षेत्र को मशीनीकृत स्वच्छता के माध्यम से “झाड़ू-मुक्त शहर” बनाने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए 20 अत्याधुनिक कूड़ा संग्रहण मशीनों ‘गॉब्लर’ को पालिका केंद्र से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। एनडीएमसी के अध्यक्ष श्री केशव चंद्र ने इस अभियान की शुरुआत करते हुए इसे शहरी स्वच्छता के आधुनिकीकरण की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया।
उन्होंने कहा कि परिषद का उद्देश्य स्मार्ट और तकनीक-आधारित सफाई समाधानों को अपनाकर मैनुअल सफाई पर निर्भरता कम करना, कार्यकुशलता बढ़ाना और सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा व गरिमा सुनिश्चित करना है। बैटरी से चलने वाली ये ‘गॉब्लर’ मशीनें कम शोर वाली, पर्यावरण-अनुकूल और भीड़-भाड़ वाले बाजार क्षेत्रों में प्रभावी सफाई के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन की गई हैं।

अध्यक्ष ने बताया कि इन मशीनों की तैनाती से संपर्क-रहित कचरा संग्रहण को बढ़ावा मिलेगा, जिससे सफाई कार्य अधिक तेज़, नियमित और सुरक्षित हो सकेगा। साथ ही, कचरे के साथ सीधे संपर्क में कमी आने से कर्मचारियों के स्वास्थ्य जोखिम भी घटेंगे और उनके कार्य की गुणवत्ता में सुधार होगा।
एनडीएमसी ने इस पहल के साथ एक व्यापक मशीनीकृत सफाई रणनीति भी लागू की है, जिसमें लीफ ब्लोअर से उद्यानों की सफाई, मशीनीकृत सड़क सफाई (एमआरएस), उच्च-दबाव जेटिंग और लिटर पिकर मशीनों का समन्वित उपयोग शामिल है। प्रमुख बाजारों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थलों की गहन सफाई हर 15 दिन में सुनिश्चित की जा रही है।
वर्तमान में 7 मशीनीकृत सड़क सफाई मशीनें दो शिफ्टों में 350-400 किलोमीटर सड़कों की सफाई कर रही हैं, जबकि 10 उच्च-दबाव जेटिंग मशीनें और 20 गॉब्लर मशीनें शहर को स्वच्छ बनाने में जुटी हैं। इसके अलावा, कनॉट प्लेस, खान मार्केट और सरोजिनी नगर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में ई-कार्ट्स के माध्यम से कचरे का पृथक संग्रहण किया जा रहा है।
एनडीएमसी का यह समेकित और तकनीक-आधारित प्रयास न केवल सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बना रहा है, बल्कि नई दिल्ली को स्वच्छ, हरित और आधुनिक शहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित हो रहा है।