नई दिल्ली: महिला आरक्षण बिल 2023 को लागू करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय महिला कांग्रेस ने राजधानी दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती अलका लांबा के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाओं ने दिल्ली विधानसभा के बाहर घेराव किया और केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर अपनी नाराजगी जाहिर की और महिला आरक्षण बिल को तत्काल लागू करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने जोर देकर कहा कि यह बिल केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की महिलाओं को उनका अधिकार और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने का माध्यम है।
पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को विधानसभा तक पहुंचने से रोक दिया। इसके बावजूद महिलाओं का उत्साह कम नहीं हुआ और उन्होंने वहीं धरना देकर अपनी आवाज बुलंद की।

इस मौके पर महिलाओं ने प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड भेजकर भी अपनी मांग रखी, जिसमें महिला आरक्षण बिल लागू करने के साथ-साथ एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की महिलाओं को भी उचित प्रतिनिधित्व देने की बात कही गई।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की महासचिव शिल्पी अरोड़ा, दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा सिंह सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहीं। कृष्णा नगर जिला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता धवन भी अपनी टीम के साथ सक्रिय रूप से शामिल हुईं।
प्रदर्शन में पिंकी साहनी, प्रिया सिंह, प्रियंका चौधरी, निर्मल सिंह, वीना साहनी, पुष्पा महोलिया, सुषमा सुमन, सुनिति मेहता, पूनम, गीता, इंदु बाला समेत अनेक महिलाओं ने भाग लेकर महिला अधिकारों के समर्थन में जोरदार आवाज उठाई।
महिला कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि जब तक महिला आरक्षण बिल पूरी तरह लागू नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। यह प्रदर्शन महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।