दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्रीमती शीला दीक्षित की जयंती पर एक्रेडिटेड जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (रजि.) के अध्यक्ष एवं राष्ट्र टाइम्स के संपादक श्री विजय शंकर चतुर्वेदी ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि दिल्ली के चहुंमुखी विकास में उनके द्वारा दिए गए असाधारण योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।


श्री चतुर्वेदी ने अपने संदेश में कहा कि शीला दीक्षित उन विरले जननेताओं में थीं जिन्होंने विकास को राजनीति का केंद्र बनाया और अपने कार्यों के बल पर जनता के दिलों में विशेष स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान शीला दीक्षित ने दिल्ली को आधुनिक स्वरूप प्रदान करने, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने तथा नागरिक सुविधाओं का विस्तार करने के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में फ्लाईओवरों का निर्माण, सड़कों का आधुनिकीकरण, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण, पर्यावरण संरक्षण के लिए सीएनजी को बढ़ावा, हरित क्षेत्रों का विकास तथा शहरी सुविधाओं के विस्तार जैसे अनेक कार्य उनके दूरदर्शी नेतृत्व की पहचान हैं। उनके प्रयासों से दिल्ली देश की सबसे विकसित और आधुनिक राजधानियों में शामिल हुई।
श्री विजय शंकर चतुर्वेदी ने कहा कि शीला दीक्षित का व्यक्तित्व सौम्यता, सादगी और संवेदनशीलता का प्रतीक था। वे जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनती थीं और उनके समाधान के लिए प्रतिबद्ध रहती थीं। विकास के साथ-साथ उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला कल्याण तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्यों को भी प्राथमिकता दी।


उन्होंने कहा कि दिल्ली के विकास की यात्रा में शीला दीक्षित का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। उनके नेतृत्व में किए गए कार्य आज भी राजधानी की पहचान बने हुए हैं और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। दिल्ली के नागरिक उनके योगदान को सदैव सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद करेंगे।
श्री चतुर्वेदी ने कहा कि स्वर्गीय शीला दीक्षित की जयंती केवल उन्हें स्मरण करने का अवसर नहीं है, बल्कि जनसेवा, विकास और सुशासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से प्रेरणा लेने का भी दिन है। उन्होंने उनके प्रति अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि दिल्ली के विकास में उनकी भूमिका सदैव इतिहास के पन्नों में दर्ज रहेगी और राष्ट्र उन्हें आदरपूर्वक स्मरण करता रहेगा।