दिल्ली पुलिस के नवनियुक्त पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने पदभार संभालने के तुरंत बाद पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनविश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का स्पष्ट संकेत दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ आयोजित अपनी पहली महत्वपूर्ण बैठक में उन्होंने भ्रष्टाचार के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाने का संदेश देते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस की साख और विश्वसनीयता को बनाए रखना हर अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है।

बैठक में अनुराग कुमार ने कड़े शब्दों में कहा, “दिल्ली पुलिस का करप्शन फ्री रहना बेहद जरूरी है। सभी अधिकारी और कर्मचारी यह सुनिश्चित करें कि उनके कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता और ईमानदारी हो। भ्रष्टाचार की किसी भी शिकायत को हल्के में नहीं लिया जाएगा। ऐसी शिकायत मिलने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली पुलिस पर लोगों का भरोसा बना रहना सबसे ज्यादा जरूरी है।”
उन्होंने कहा कि राजधानी की पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था नहीं है, बल्कि यह करोड़ों नागरिकों के विश्वास का प्रतीक भी है। इसलिए पुलिसकर्मियों का आचरण ऐसा होना चाहिए जिससे जनता का विश्वास और मजबूत हो तथा पुलिस-जनता संबंधों में पारदर्शिता और सहयोग बढ़े।
अनुभवी आईपीएस अधिकारी हैं अनुराग कुमार
गौरतलब है कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के पूर्व स्पेशल डायरेक्टर अनुराग कुमार को 17 जुलाई 2026 को दिल्ली पुलिस का नया आयुक्त नियुक्त किया गया। वे 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा, खुफिया तंत्र तथा कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में लंबा अनुभव रखते हैं।

अनुराग कुमार ने 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी सतीश गोलचा का स्थान लिया है, जिन्होंने अगस्त 2025 में दिल्ली पुलिस प्रमुख का पद संभाला था। केंद्र सरकार द्वारा जारी आदेश के बाद अनुराग कुमार ने औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया और उसके बाद पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकों का दौर शुरू किया।
पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही पर जोर
बैठक के दौरान पुलिस आयुक्त ने सभी जिला पुलिस उपायुक्तों, विशेष आयुक्तों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि थाना स्तर तक जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मामलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी, लापरवाही या किसी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा नागरिकों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही पुलिसकर्मियों को जनता के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार करने की भी सलाह दी गई।
अपराध नियंत्रण और तकनीक के उपयोग पर विशेष ध्यान
सूत्रों के अनुसार, अनुराग Kumar ने अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम, नशा तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान को और मजबूत करने पर भी जोर दिया है। उन्होंने आधुनिक तकनीक और खुफिया तंत्र के बेहतर उपयोग के माध्यम से अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बदलते समय में साइबर अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी बड़ी चुनौती बनकर सामने आए हैं। ऐसे में पुलिस को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और प्रशिक्षित बनाना आवश्यक है ताकि अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
जनविश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता
दिल्ली पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि पुलिस की सबसे बड़ी ताकत जनता का विश्वास है। यदि नागरिकों को यह भरोसा हो कि उनकी शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई होगी और पुलिस ईमानदारी से काम कर रही है, तो कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस की पहचान एक पेशेवर, संवेदनशील और जवाबदेह पुलिस बल के रूप में बनी रहनी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक पुलिसकर्मी को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ करना होगा।
राजधानी में नए पुलिस आयुक्त की नियुक्ति और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके कड़े रुख को पुलिस सुधार तथा प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस विभाग और आम जनता को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा जनोन्मुखी बनेगी।