- यशपाल
शिव विहार कॉलोनी, मुहाना स्थित ओमाश्रय सेवा धाम में पुत्रदा एकादशी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा अपने पुत्र-पुत्रियों के सर्वांगीण विकास एवं समाज कल्याण की भावना से भव्य “विष्णु यज्ञ” तथा निराश्रित जनों के लिए भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया।
संस्थान के संस्थापक एवं वैदिक चिंतक यशपाल ‘यश’ के सान्निध्य और संचालन में आयोजित इस यज्ञ में अनेक परिवारों ने अपनी संतानों के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य, संस्कार और समग्र विकास की कामना करते हुए वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां अर्पित कीं।

इस अवसर पर यशपाल ‘यश’ ने भगवान विष्णु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि विष्णु उपासना का वास्तविक अर्थ परिवार और राष्ट्र को विष्णु के समान कर्तव्यनिष्ठ, समृद्ध, शक्तिशाली तथा मोक्षदायी मूल्यों से युक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि केवल संतान प्राप्ति ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें संस्कारी, सुयोग्य, शिक्षित और समाजोपयोगी नागरिक बनाना ही विष्णु पूजा का वास्तविक संदेश है।
भगवान विष्णु की चार भुजाओं के प्रतीकात्मक अर्थ स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया कि शंख और चक्र आधुनिक युग में सुदृढ़ संचार एवं यातायात व्यवस्था के प्रतीक हैं, गदा आत्मरक्षा और सैन्य सुरक्षा में आत्मनिर्भरता का संदेश देती है, जबकि पद्म राष्ट्र और परिवार की वैश्विक प्रतिष्ठा, सम्मान एवं पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि क्षीरसागर समृद्धि और कृषि-आधारित संपन्नता का तथा माता लक्ष्मी आर्थिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक हैं। वहीं शेषनाग की शैय्या यह संदेश देती है कि आवश्यक उपभोग के बाद भी बचत और संसाधनों का संरक्षण होना चाहिए।

यज्ञ उपरांत उपस्थित श्रद्धालुओं एवं निराश्रित जनों को भोजन प्रसादी वितरित की गई। कार्यक्रम में समाज सेवा और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया गया।

कार्यक्रम में एमएनआईटी (MNIT) के प्रोफेसर रमेशचंद गुप्ता, उनकी धर्मपत्नी प्रो. इरा गुप्ता (जूलॉजी), जापान से पीएचडी एवं एम.ई. (मास्टर्स इन इंजीनियरिंग) पूर्ण कर लौटे डॉ. विनायक गुप्ता, बालक माही के स्वास्थ्य लाभ की कामना हेतु सौरभ अरोड़ा, शिवानी कंसल, पुणे से सुरभि, ऋषभ, श्रीमती गरिमा, पर्व, श्रीमती यति, महात्मा गांधी अस्पताल के जनसंपर्क अधिकारी वीरेंद्र पारीक, पत्रकार आलोक शर्मा, रामनारायण लील सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन विश्व कल्याण, पारिवारिक सुख-समृद्धि तथा राष्ट्र की उन्नति की मंगलकामना के साथ हुआ।