Skip to content
September 9, 2026
  • Facebook
  • Youtube
  • X (Twitter)
  • Instagram

Rashtra Times

Largest Hindi Weekly newspaper of india

Primary Menu
  • Home
  • राजनीति
  • E-Paper
  • दुनिया
  • धार्मिक
  • तकनीक
  • Astrology
  • मनोरंजन
  • Astrology
  • बिज़नेस
  • Polls
  • स्वास्थ्य
  • खेल
वीडियो समाचार
  • Home
  • 2026
  • August
  • 31
  • बिज़नेस
  • संसदीय समिति ने भारत के वर्चुअल डिजिटल एसेट्स क्षेत्र के लिए नई दिशा के संकेत दिए
  • बिज़नेस

संसदीय समिति ने भारत के वर्चुअल डिजिटल एसेट्स क्षेत्र के लिए नई दिशा के संकेत दिए

rashtratimesnewspaper August 31, 2026 1 min read
WhatsApp Image 2026-08-31 at 11.11.53

वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने प्रस्तावित सिक्योरिटीज मार्केट कोड विधेयक, 2025 पर अपनी 36वीं रिपोर्ट जारी की। इस प्रस्तावित कोड का उद्देश्य भारत के सिक्योरिटीज मार्केट को नियंत्रित करने वाले तीन प्रमुख मौजूदा कानूनों की जगह एक एकीकृत कानूनी ढांचा तैयार करना है।

हालांकि समिति की रिपोर्ट मुख्य रूप से भारत के सिक्योरिटीज कानूनों में सुधारों पर केंद्रित है, लेकिन इसकी एक सिफारिश वर्चुअल डिजिटल एसेट्स क्षेत्र के लिए अलग से ध्यान आकर्षित करती है। समिति ने सुझाव दिया है कि जब तक इस क्षेत्र के लिए एक अलग और स्पष्ट कानूनी ढांचा तैयार नहीं हो जाता, तब तक एक तय नियामक की निगरानी में स्व-नियामक संगठन (एसआरओ) स्थापित किया जाना चाहिए।

यह सिफारिश समिति द्वारा सामूहिक निवेश योजनाओं की समीक्षा के दौरान सामने आई। समिति ने एक अहम सवाल उठाया कि क्या निवेश योजना की परिभाषा वर्चुअल डिजिटल एसेट्स से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी लागू हो सकती है।

आज पारंपरिक सिक्योरिटीज, जैसे किसी कंपनी के शेयर या बॉन्ड, को डिजिटल टोकन के रूप में भी पेश किया जा सकता है। इन टोकनों में निवेश से जुड़ी व्यवस्थाएं कई मामलों में पारंपरिक निवेश योजनाओं जैसी हो सकती हैं। उदाहरण के तौर पर, इनमें कई निवेशकों से पैसा इकट्ठा किया जा सकता है।

हालांकि, टोकन के रूप में मौजूद संपत्तियों या वितरित लेखा तकनीक (डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी) के जरिए चलने वाली ऐसी निवेश व्यवस्थाओं की कानूनी स्थिति अब तक स्पष्ट नहीं रही है। समिति ने इसी अस्पष्टता को दूर करने की जरूरत पर ध्यान दिया है।

समिति के सवालों के जवाब में वित्त मंत्रालय ने कहा कि फिलहाल वर्चुअल डिजिटल एसेट्स को केवल धन शोधन रोधी और कर कानूनों के तहत नियंत्रित किया जाता है। किसी वर्चुअल डिजिटल एसेट से जुड़ी व्यवस्था को सिक्योरिटीज मार्केट कोड के तहत निवेश योजना माना जाएगा या नहीं, यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि उस व्यवस्था में निवेश योजना की परिभाषित विशेषताएं मौजूद हैं या नहीं।

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित कोड में सिक्योरिटीज की परिभाषा तकनीक से प्रभावित नहीं होती। इसका मतलब है कि किसी संपत्ति की कानूनी पहचान केवल इस आधार पर नहीं बदलेगी कि उसे किस तकनीक के जरिए पेश या संचालित किया जा रहा है।

यानी अगर कोई मूल संपत्ति कानून के अनुसार सिक्योरिटी नहीं है, तो उसका डिजिटल रूप केवल नई तकनीक के इस्तेमाल के कारण सिक्योरिटी नहीं बन जाएगा। ऐसे में वह सिर्फ डिजिटल रूप में होने की वजह से सिक्योरिटीज मार्केट कोड के दायरे में नहीं आएगा।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दूसरे देशों में सिक्योरिटीज और वर्चुअल डिजिटल एसेट्स को किस तरह नियंत्रित किया जा रहा है। अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर और यूरोपीय संघ जैसे क्षेत्रों में किसी संपत्ति की कानूनी स्थिति तय करते समय केवल उसके पीछे इस्तेमाल की गई तकनीक को नहीं देखा जाता। इसके बजाय यह देखा जाता है कि वह संपत्ति किस तरह काम करती है और उसकी प्रकृति क्या है।

सरल शब्दों में, अगर कोई संपत्ति सिक्योरिटी जैसी विशेषताएं रखती है और उसी तरह काम करती है, तो उसे सिक्योरिटी के रूप में नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही, इन देशों और क्षेत्रों में उन डिजिटल संपत्तियों के लिए अलग नियम और कानूनी ढांचे भी विकसित किए जा रहे हैं, जो पारंपरिक वित्तीय कानूनों के दायरे में नहीं आतीं।

समिति ने यह भी माना कि भारत में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स से जुड़ी गतिविधियां अभी भी नियमों की स्पष्टता के अभाव में चल रही हैं। जैसे-जैसे इस क्षेत्र में गतिविधियां और निवेशकों की भागीदारी बढ़ रही है, वैसे-वैसे कारोबार करने वालों, नियामकों और सबसे महत्वपूर्ण रूप से निवेशकों के सामने अनिश्चितता भी बढ़ रही है।

इसी पृष्ठभूमि में समिति ने सुझाव दिया कि जब तक इस क्षेत्र के लिए एक समर्पित कानूनी ढांचा तैयार नहीं हो जाता, तब तक एक तय नियामक की निगरानी में स्व-नियामक संगठन स्थापित किया जाए।

यह सिफारिश इस बात को स्वीकार करती है कि वर्चुअल डिजिटल एसेट्स के लिए एक व्यापक कानूनी ढांचा तैयार करने में अभी समय लग सकता है। इस बीच, उद्योग-आधारित संस्था जैसे स्व-नियामक संगठन कुछ बुनियादी मानक तय कर सकती है।

इन मानकों में बेहतर संचालन व्यवस्था, पारदर्शिता, निवेशकों की सुरक्षा और तय आचार संहिता का पालन शामिल हो सकता है। ऐसा तंत्र किसी वैधानिक नियामक की निगरानी में काम करते हुए इस क्षेत्र में जिम्मेदार तरीके से कारोबार करने को बढ़ावा दे सकता है और नियमों के पालन को भी मजबूत कर सकता है।

समिति की इन सिफारिशों से आम निवेशकों के लिए फिलहाल कोई तत्काल बदलाव नहीं होगा, क्योंकि ये सुझाव सलाहकारी प्रकृति के हैं और अभी कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं हैं। हालांकि, ये इस बात का मजबूत संकेत जरूर देते हैं कि भविष्य में भारत की नीति वर्चुअल डिजिटल एसेट्स क्षेत्र को लेकर किस दिशा में आगे बढ़ सकती है।

वर्चुअल डिजिटल एसेट्स क्षेत्र में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए केवल कर और धन शोधन रोधी कानून बाजार के व्यवहार और उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़े सभी मुद्दों को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकते।

समिति की सिफारिश इस बात की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है कि भारत का वर्चुअल डिजिटल एसेट्स क्षेत्र अब उस स्तर पर पहुंच रहा है, जहां संस्थागत शासन-व्यवस्था की जरूरत लगातार बढ़ती जा रही है।

About Author

rashtratimesnewspaper

राष्ट्र टाइम्स हिंदी साप्ताहिक समाचारपत्र है, जो 1981 में शुरू किया गया था। यह समाचारपत्र भारत की राजधानी नई दिल्ली स्थित है और हर सप्ताह जारी किया जाता है। इस समाचारपत्र के उद्देश्य के रूप में देश और विदेश की ताजा घटनाओं की विस्तृत विवरण प्रदान करना और आधुनिक समाज में जागरूकता बढ़ाना शामिल है।

राष्ट्र टाइम्स को नई दिल्ली के प्रमुख समाचारपत्रों में से एक माना जाता है जिसका पैमाना देश और दुनिया भर में बड़े वर्गों तक होता है। इस समाचारपत्र का मुख्य आधार हिंदी भाषा है जिससे उन लोगों तक समाचार पहुंचता है जो अंग्रेजी नहीं जानते हैं।

इस समाचारपत्र में व्यापक क्षेत्रों पर विशेषज्ञता वाले न्यूज रिपोर्टरों और लेखकों की टीम है, जो उन विषयों पर विस्तृत रूप से विचार करते हैं जो उन्हें महत्वपूर्ण लगते हैं।

See author's posts

Post navigation

Previous: भारत मंडपम में सजा फिल्म एक्सपो इंडिया का भव्य मंच, फिल्मी सितारों और प्रतिष्ठित हस्तियों ने बढ़ाई शोभा
Next: युवा वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान, सामाजिक सहभागिता बढ़ाने पर जोर

संबंधित कहानियां

WhatsApp Image 2026-08-31 at 21.40.58
1 min read
  • बिज़नेस

ड्यूराक्राफ्ट एक्सट्रूज़न्स जल्द पेश करेगी रंगीन लकड़ी जैसी परत वाले यूपीवीसी प्रोफाइल

rashtratimesnewspaper September 1, 2026 0
WhatsApp Image 2026-08-10 at 11.19.05
1 min read
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन

मीडिया फेडरेशन ऑफ इंडिया ने दूसरे बिजनेस आइकन अवॉर्ड्स 2026 में विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों को किया सम्मानित

rashtratimesnewspaper August 10, 2026 0
WhatsApp Image 2026-07-12 at 19.52.57
1 min read
  • तकनीक
  • बिज़नेस

टोकनयुक्त शेयर क्यों हैं क्रिप्टो की कहानी — भारत को इस दिशा में क्या करना चाहिए

rashtratimesnewspaper July 14, 2026 0

लेखक के बारे में

Vijay Shankar Chaturvedi

ट्रेंडिंग समाचार

युवाओं में धार्मिक समझ और बहुलवाद को बढ़ावा देने के लिए MoU WhatsApp Image 2026-09-08 at 18.21.40 1
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

युवाओं में धार्मिक समझ और बहुलवाद को बढ़ावा देने के लिए MoU

September 8, 2026 0
संजीव सिंघल बने एस.डी. पब्लिक स्कूल के नए अध्यक्ष WhatsApp Image 2026-09-08 at 17.03.15 2
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

संजीव सिंघल बने एस.डी. पब्लिक स्कूल के नए अध्यक्ष

September 8, 2026 0
डीएवी पब्लिक स्कूल अशोक विहार दिल्ली की कला शिक्षिका सुश्री सीमा खेड़ा 42वें डॉ. राधाकृष्णन स्मृति राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2026 से सम्मानित WhatsApp Image 2026-09-08 at 16.58.32 3
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

डीएवी पब्लिक स्कूल अशोक विहार दिल्ली की कला शिक्षिका सुश्री सीमा खेड़ा 42वें डॉ. राधाकृष्णन स्मृति राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2026 से सम्मानित

September 8, 2026 0
भारत की मुहिम पर लगी संयुक्त राष्ट्र की मुहर, 27 नवंबर को घोषित किया बाल विवाह के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस WhatsApp Image 2026-09-08 at 15.30.30 (1) 4
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

भारत की मुहिम पर लगी संयुक्त राष्ट्र की मुहर, 27 नवंबर को घोषित किया बाल विवाह के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस

September 8, 2026 0
मदर टेरेसा की पुण्यतिथि पर डॉ. के. ए. पॉल की आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से शांति और धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने की अपील WhatsApp Image 2026-09-06 at 16.11.42 5
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

मदर टेरेसा की पुण्यतिथि पर डॉ. के. ए. पॉल की आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से शांति और धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने की अपील

September 7, 2026 0
  • Share on Facebook
  • Share on Twitter
  • Share on LinkedIn

हो सकता है आप चूक गए हों

WhatsApp Image 2026-09-08 at 18.21.40
1 min read
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

युवाओं में धार्मिक समझ और बहुलवाद को बढ़ावा देने के लिए MoU

rashtratimesnewspaper September 8, 2026 0
WhatsApp Image 2026-09-08 at 17.03.15
1 min read
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

संजीव सिंघल बने एस.डी. पब्लिक स्कूल के नए अध्यक्ष

rashtratimesnewspaper September 8, 2026 0
WhatsApp Image 2026-09-08 at 16.58.32
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

डीएवी पब्लिक स्कूल अशोक विहार दिल्ली की कला शिक्षिका सुश्री सीमा खेड़ा 42वें डॉ. राधाकृष्णन स्मृति राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2026 से सम्मानित

rashtratimesnewspaper September 8, 2026 0
WhatsApp Image 2026-09-08 at 15.30.30 (1)
1 min read
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

भारत की मुहिम पर लगी संयुक्त राष्ट्र की मुहर, 27 नवंबर को घोषित किया बाल विवाह के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस

rashtratimesnewspaper September 8, 2026 0

Meta

  • Log in
  • Entries feed
  • Comments feed
  • WordPress.org

नवीनतम

  • युवाओं में धार्मिक समझ और बहुलवाद को बढ़ावा देने के लिए MoU
  • संजीव सिंघल बने एस.डी. पब्लिक स्कूल के नए अध्यक्ष
  • डीएवी पब्लिक स्कूल अशोक विहार दिल्ली की कला शिक्षिका सुश्री सीमा खेड़ा 42वें डॉ. राधाकृष्णन स्मृति राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2026 से सम्मानित
  • भारत की मुहिम पर लगी संयुक्त राष्ट्र की मुहर, 27 नवंबर को घोषित किया बाल विवाह के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस
  • मदर टेरेसा की पुण्यतिथि पर डॉ. के. ए. पॉल की आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से शांति और धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने की अपील

श्रेणियाँ

  • E-Paper
  • Uncategorized
  • खेल
  • तकनीक
  • दुनिया
  • धार्मिक
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • स्वास्थ्य
कॉपीराइट © सर्वाधिकार सुरक्षित rashtratimes | MoreNews by AF themes.