- युद्धवीर सिंह लांबा
वीरों की देवभूमि कहे जाने वाले गांव धारौली में मां-मातृभूमि सेवा समिति द्वारा जिला रेड क्रॉस सोसाइटी, झज्जर के सहयोग से 1965 भारत-पाक युद्ध के विशिष्ट सेवा पदक (मरणोपरांत) से सम्मानित शहीद लांस नायक हवा सिंह लांबा (4 ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट) की स्मृति में 11वें विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन शहीद हवा सिंह लांबा राजकीय माध्यमिक विद्यालय में किया गया। शिविर में एक महिला सहित कुल 86 युवाओं ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया।
रक्तदान शिविर का संचालन सिविल अस्पताल झज्जर की ब्लड बैंक टीम ने डॉ. प्रमोद और डॉ. ममता के नेतृत्व में किया। टीम में अशोक काउंसलर, मीनाक्षी एवं प्रीति लैब टेक्नीशियन ने सहयोग दिया।


समिति के अध्यक्ष युद्धवीर सिंह लांबा ने बताया कि शिविर में कई नियमित रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। नितेश भोरिया (कोसली) ने 46वीं बार, डॉ. सोनू (भिंडावास) ने 34वीं बार, रिंकू लांबा (धारौली) ने 24वीं बार, मास्टर धर्मवीर नाहरवाल (छप्पार) ने 24वीं बार तथा रिलायंस ग्रुप ऑफ स्कूल्स के चेयरमैन सुखवीर जाखड़ ने 23वीं बार रक्तदान किया।
मुख्य अतिथि के रूप में 26 बार रक्तदान कर चुके समाजसेवी अश्वनी मल्हान उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में जहाजगढ़ के समाजसेवी प्रमोद जांगड़ा तथा साल्हावास के समाजसेवी पवन जाखड़ ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता 30 बार रक्तदान कर चुके डॉ. संदीप गुलिया ने की।

शिविर को सफल बनाने में विभिन्न शिक्षाविदों, समाजसेवियों, अधिवक्ताओं और व्यापारियों ने आर्थिक एवं नैतिक सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से समाजसेवी मंजीत सिंह द्वारा पहले 60 रक्तदाताओं को एक-एक इंडोर पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान न केवल जीवन बचाने का माध्यम है, बल्कि शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि भी है। कार्यक्रम में युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए सामाजिक सेवा और राष्ट्रभक्ति का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया।