विशाखापत्तनम। नौसेना जासूसी मामला के एक आरोपी को सऊदी अरब से भारत वापस लाया गया है। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार आरोपी को 11 अक्टूबर को सऊदी अरब से लौटते समय दिल्ली हवाई अड्डे पर रोका गया और बाद में उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह मामला विशाखापत्तनम के नौसैनिक डॉकयार्ड से जुड़ी संवेदनशील जानकारी कथित रूप से साझा करने से संबंधित है।
दिल्ली हवाई अड्डे पर रोका गया
द हंस इंडिया और डेक्कन क्रॉनिकल की रिपोर्टों के अनुसार आरोपी की पहचान विशाखापत्तनम निवासी कदारी श्रीनिवास के रूप में हुई है। आंध्र प्रदेश काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर सऊदी अरब से लौटने पर उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की। रिपोर्टों के मुताबिक आरोपी के विदेश में होने की जानकारी मिलने के बाद उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था।
रिपोर्टों के अनुसार गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विशाखापत्तनम के मालकापुरम थाने ले जाया गया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजा, जिसके बाद उसे विशाखापत्तनम केंद्रीय कारागार में रखा गया है।
क्या है मामला
न्यूजमीटर की रिपोर्ट के अनुसार मालकापुरम थाने में दर्ज इस मामले में श्रीनिवास को आरोपी संख्या तीन (A-3) बनाया गया है। मामला भारतीय न्याय संहिता और शासकीय गोपनीयता अधिनियम, 1923 के तहत दर्ज किया गया है।
जांचकर्ताओं के अनुसार श्रीनिवास और सह-आरोपी बोंगु रवि दोनों नौसैनिक डॉकयार्ड में एक निजी ठेकेदार के लिए काम करते थे। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने मिलीभगत कर डॉकयार्ड में तैनात जहाजों और पनडुब्बियों की संख्या से जुड़ी जानकारी साझा की। इन आरोपों की पुष्टि अदालत में सुनवाई के बाद ही हो सकेगी।
सोशल मीडिया के जरिए संपर्क का आरोप
पुलिस के अनुसार रवि से 2023 में फेसबुक पर ‘एंजेल पायल’ नाम से एक महिला ने संपर्क किया था, जिसने खुद को दुबई स्थित एक शिपिंग कंपनी की कर्मचारी बताया था। जांचकर्ताओं का आरोप है कि उसने जानकारी के बदले भुगतान किया। रिपोर्टों के अनुसार मामले की जांच जारी है।
डेक्कन हेराल्ड और द साउथ फर्स्ट की रिपोर्टों के अनुसार आंध्र प्रदेश में नौसेना से जुड़ी जासूसी के एक अन्य बड़े मामले की जांच भी चल रही है, जिसमें कई नौसैनिक कर्मी जांच के दायरे में हैं। हालांकि रिपोर्टों में श्रीनिवास से जुड़े मामले को इससे अलग बताया गया है।
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता
रिपोर्टों के अनुसार काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से आरोपी की वापसी पर नजर रखी और हवाई अड्डे पर ही उसे पकड़ लिया। रक्षा और सुरक्षा से जुड़ी अन्य खबरों में लड़ाकू विमानों की दुर्घटना की निगरानी की याचिका पर कोर्ट का इंकार रिपोर्ट पढ़ी जा सकती है।
स्रोत: NDTV। फोटो: Ran Hua / Pexels