भारतीय शास्त्रीय नृत्य, संस्कृति और गुरु-शिष्य परंपरा को समर्पित राष्ट्रीय महोत्सव ‘नृत्यकी सीजन 4 – भक्ति, शक्ति और संस्कृति’ का आयोजन ग्रेटर कैलाश-1 स्थित बीएमवीके ऑडिटोरियम में किया गया। नृतकी ग्रुप की चेयरमैन सुमन गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित इस महोत्सव में देश के 10 से अधिक राज्यों के 150 से ज्यादा कलाकारों, नृत्य साधकों और गुरुओं ने भाग लिया। विभिन्न शास्त्रीय नृत्य शैलियों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भारतीय कला और संस्कृति की समृद्ध परंपरा से रूबरू कराया।

महोत्सव का उद्देश्य उभरती नृत्य प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करना, भारतीय शास्त्रीय नृत्य का संरक्षण करना तथा गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को रेखांकित करना था। आयोजकों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में मार्गदर्शन और सहयोग के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तथा कला एवं संस्कृति मंत्री कपिल शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में संगीत कला पुरस्कार और उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित कथक नृत्यांगना मोनिसा नायक, ओडिसी नृत्यांगना एवं पंडित अर्जुन मिश्रा पुरस्कार से सम्मानित डॉ. श्रीमोयी गंगोपाध्याय तथा डॉ. विनय मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इनके अलावा आदर्श नगर के विधायक राजकुमार भाटिया, आर्य समाज सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मपाल, भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री संजीव शर्मा, आर्य समाज ग्रेटर कैलाश के अध्यक्ष एच.सी. वर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
प्रतियोगिता में प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन भरतनाट्यम नृत्यांगना मानसी चेतना शर्मा, कथक नृत्यांगना माधुरी, भरतनाट्यम नृत्यांगना तनुश्री दास, कथक एवं छऊ नृत्यांगना सुनीता चौधरी तथा संगीत एवं हारमोनियम कलाकार शुभ नारायण सहित विशेषज्ञों ने किया। निर्णायकों ने कलाकारों की तकनीक, भावाभिव्यक्ति, लय और प्रस्तुति के विभिन्न पक्षों का आकलन किया। उनके अनुभव और मार्गदर्शन से युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिला।
महोत्सव को सफल बनाने में नृत्यकी स्रोत एनजीओ की संस्थापक एवं निदेशक ऋचा गोविल, रितिकला अकादमी की निदेशक रितिका आहूजा, ई-टेक हॉस के सीईओ भूपेंद्र सोहल तथा नाट्य भक्ति की निदेशक आरती कंवर का विशेष योगदान रहा।
आयोजकों ने कलाकारों को प्रशिक्षण देकर इस मंच तक पहुंचाने वाले गुरुओं डॉ. कामना कौशिक, रश्मि राउत जायसवाल, पंकज श्रीधर, पम्पा अधिकारी दास, स्मिता चक्रवर्ती, एम. वेंकट उज्ज्वला, एम. श्री पवानी, मीनाक्षी तमटा, भवानी सिंह, इंदु सिंह, ऐश्वर्या सिंह, रश्मि जायसवाल, डॉ. मोनिका श्रीवास्तव, चेतना वाधवानी और किरण शाह के योगदान की सराहना की।
आयोजक सुमन गुप्ता ने कहा कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने, अनुशासन सीखने और कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
‘नृत्यकी सीजन 4’ ने कलाकारों, गुरुओं और कला प्रेमियों को एक मंच पर लाकर सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया। आयोजकों ने भविष्य में भी भारतीय शास्त्रीय नृत्य को बढ़ावा देने और नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसे प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।