तेहरान, ईरान – ईरान ने शनिवार रात को इज़राइल पर सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलों से सीधी कार्रवाई करते हुए एक अभूतपूर्व कदम उठाया, जिसका बदला सीरिया में ईरानी दूतावास पर हुए संदिग्ध हवाई हमले का कथित तौर पर बदला लेने के लिए उठाया गया। इस हमले ने पहले से ही अस्थिर मध्य पूर्व में तनाव को खतरनाक स्तर तक बढ़ा दिया है। इज़राइली सेना ने दावा किया है कि उसने मिसाइलों और ड्रोन के एक बड़े हिस्से को बीच में ही नष्ट कर दिया, लेकिन कुछ नुकसान की भी सूचना मिली है।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक बयान जारी कर कहा कि यह हमला ‘ज़ायोनी शासन के अपराधों’ के जवाब में था। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इज़राइल ने फिर से कोई गलती की तो ईरान की प्रतिक्रिया और भी गंभीर होगी। ईरान के इस कदम ने वैश्विक स्तर पर चिंता की लहर पैदा कर दी है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और कई यूरोपीय देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और दोनों पक्षों से अधिकतम संयम बरतने का आग्रह किया है। अमेरिका ने भी इस हमले की निंदा की है और कहा है कि वह क्षेत्र में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस बात की चिंता कर रहा है कि यह घटना मध्य पूर्व को एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की ओर धकेल सकती है। सीरिया, लेबनान, इराक और यमन में सक्रिय ईरान-समर्थित मिलिशिया समूह पहले से ही इज़राइल विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं, और यह सीधा हमला उनकी भूमिका को और जटिल बना सकता है। तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है। आने वाले दिन मध्य पूर्व के भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।