- प्रवीण कुमार
जिला आर्य प्रतिनिधि सभा एवं आर्य समाज रावली कलां के संयुक्त तत्वावधान में जेठूशा धाम शिव मंदिर प्रांगण में सघन वेद प्रचार कार्यक्रम हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं यज्ञ के साथ हुआ। यज्ञ के मुख्य यजमान किशोरी शर्मा एवं श्रीमती शशि शर्मा रहे, जबकि यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य कृष्ण मुनि ने वैदिक विधि से यज्ञ संपन्न कराया।


अपने उद्बोधन में आचार्य कृष्ण मुनि ने यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “यज्ञों वै श्रेष्ठतम कर्मः” अर्थात यज्ञ संसार का सर्वोत्तम कर्म है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार में प्रतिदिन यज्ञ होना चाहिए, क्योंकि जहां यज्ञ होता है वहां सकारात्मक ऊर्जा, शांति और प्रसन्नता का वास रहता है। उन्होंने कहा कि आज समाज में बढ़ते दुख और तनाव का प्रमुख कारण वेदों एवं ऋषि परंपरा से दूर होना है। वेद मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं तथा मुक्ति का मार्ग दिखाते हैं।
प्रख्यात भजनोपदेशक महाशय वेदपाल आर्य ने अपने भजनों एवं विचारों से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने जाति-पाति के भेदभाव को समाप्त कर समाज में एकता स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वेद का संदेश “मनुर्भवः” अर्थात “हे मानव, मानव बन” आज भी उतना ही प्रासंगिक है। यदि व्यक्ति सच्चे अर्थों में मानव बन जाए तो समाज की अनेक समस्याएं स्वतः समाप्त हो सकती हैं। उन्होंने लोगों से आर्य समाज की विचारधारा को अपनाकर ऋषि परंपरा को जीवन में उतारने का संकल्प लेने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में जिला आर्य प्रतिनिधि सभा के संरक्षक श्रद्धानन्द शर्मा, मंत्री सत्यवीर चौधरी एवं कोषाध्यक्ष नरेंद्र पांचाल ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए वैदिक संस्कृति और सामाजिक जागरूकता के प्रसार पर बल दिया।
कार्यक्रम का संचालन जिला सभा के उपमंत्री उमेंद्रदत्तचंद्र आर्य ने किया।
इस अवसर पर सुरेन्दपाल सिंह, सुखबीर सिंह, चमन सिंह, कृष्णदेव आर्य, बृजपाल सिंह, सूरज सिंह, बुद्धप्रकाश शर्मा, सोहनपाल सिंह आर्य, अशोक त्यागी, प्रवीण शर्मा, हरीश आर्य, रामकुमार शर्मा, सुमित आर्य, जयपाल सिंह, डॉ. ज्ञानबोध आर्य सहित ग्रामीण क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।