किरण प्रकाश झरकर
महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के भाई उद्धवराव पाटील शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था में शिल्प निदेशक (कोपा) के रूप में कार्यरत किरण प्रकाश झरकर को उनके 17 वर्षों के समर्पित शिक्षकीय योगदान, नवाचार, अनुसंधान और कौशल शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान करेंगी।
किरण झरकर ने व्यावसायिक प्रशिक्षण को केवल रोजगारपरक शिक्षा तक सीमित न रखते हुए इसे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और राष्ट्रनिर्माण से जोड़ने का प्रयास किया है। उनके कार्यों में तकनीकी शिक्षा, डिजिटल नवाचार, अनुसंधान, साहित्य, सामाजिक गतिविधियां और विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना विकसित करने के प्रयास प्रमुख रहे हैं।
उनकी उपलब्धियों में ‘स्किल बुक’ कंप्यूटर प्रणाली विशेष रूप से उल्लेखनीय है। कोपा ट्रेड की अध्ययन सामग्री, वीडियो, MCQ और प्रश्नपत्रिका को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने वाली इस प्रणाली को भारत सरकार से पेटेंट प्राप्त हुआ है। उनके नवाचार को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन ने भी सम्मानित किया है।
प्रशिक्षणार्थियों को आधुनिक तकनीकी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए कमिंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से अत्याधुनिक कोपा प्रयोगशाला स्थापित कराने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। CSR के माध्यम से उद्योग और ITI के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल रही है।
झरकर ने ‘व्यवसाय प्रशिक्षण परियोजना’ के माध्यम से व्यावसायिक प्रशिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों की समस्याओं का अध्ययन किया। उनके प्रयासों का प्रभाव प्रशिक्षणार्थियों की छात्रवृत्ति बढ़ाकर 500 रुपये किए जाने जैसे निर्णयों में भी दिखाई दिया।
शिक्षा के साथ साहित्य में सक्रिय झरकर की 16 पुस्तकें और तीन शोध लेख प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी पुस्तक ‘वंदे मातृशक्ति’ मातृशक्ति के त्याग और राष्ट्रनिर्माण में योगदान को समर्पित है।
धाराशिव जिले के किसी शिल्प निदेशक को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलना एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। किरण झरकर की यात्रा यह संदेश देती है कि समर्पित शिक्षक केवल पढ़ाते नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य गढ़ते हैं।