स्वर्गीय श्री कृष्ण स्वरूप जी भारतीय राजनीति और जनसेवा के ऐसे समर्पित व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज के वंचित, शोषित एवं जरूरतमंद वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उनका जीवन इस सत्य का प्रमाण था कि पद और प्रतिष्ठा का वास्तविक महत्व तभी है, जब उसका उपयोग जनकल्याण के लिए किया जाए।
दिल्ली प्रशासन में मंत्री के रूप में उन्होंने जनहितकारी योजनाओं को आगे बढ़ाया तथा आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर कार्य किया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के अनुसूचित जाति/जनजाति विभाग के चेयरमैन के रूप में उन्होंने सामाजिक न्याय और समान अवसरों की स्थापना के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया। बैंक ऑफ बड़ौदा के निदेशक तथा ऑयल सिलेक्शन बोर्ड के चेयरमैन के रूप में भी उनकी प्रशासनिक दक्षता और दूरदर्शिता की व्यापक सराहना हुई।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं महासचिव के रूप में उन्होंने संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को दिशा देने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका व्यक्तित्व सरल, सौम्य, कर्मठ और जनसरोकारों के प्रति पूर्णतः समर्पित था।
आज उनकी 101वीं जयंती पर हम उनके द्वारा स्थापित सेवा, समर्पण और सामाजिक न्याय के आदर्शों को स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनका संदेश कि “जन सेवा के प्रति समर्पित जीवन ही सच्ची विरासत है, जो सदा अमर रहती है” सदैव हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा।