नई दिल्ली। भारत मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार को जारी बुलेटिन में कहा कि पूर्वोत्तर मानसून की शुरुआत के कारण दक्षिण भारत के कई हिस्सों में 20 अक्टूबर तक भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 15 अक्टूबर को केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने गुरुवार को दिल्ली सहित उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की आशंका भी जताई है।
दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून की दस्तक
IMD के अनुसार इस सप्ताह की शुरुआत में तमिलनाडु और केरल में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। आने वाले दिनों में इन राज्यों में तेज बारिश के आसार हैं। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के लिए जारी पूर्वानुमान में 16 से 20 अक्टूबर के बीच तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा केरल और माहे में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
विभाग ने बताया कि तटीय कर्नाटक और रायलसीमा में 16 से 18 अक्टूबर के बीच भारी बारिश हो सकती है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 17 और 18 अक्टूबर को तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 15 अक्टूबर और 17 से 20 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। 16 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।
तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में भी 15 से 19 अक्टूबर के बीच भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में ओलावृष्टि की आशंका
मौसम विभाग ने गुरुवार, 15 अक्टूबर को उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की गतिविधि का अनुमान लगाया है। IMD के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार को आसमान आमतौर पर बादलों से ढका रह सकता है।
विभाग ने कहा कि दोपहर से शाम के बीच कई स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश और कहीं-कहीं मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। रात में भी कई जगह गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है।
दिल्ली का तापमान
IMD के अनुसार दिल्ली में अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। विभाग ने बताया कि दोपहर में उत्तर-पूर्व दिशा से सतही हवा की गति 18 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ेगी। शाम और रात में पूर्व दिशा से हवा की रफ्तार 20 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
खेती और पहाड़ी इलाकों पर नजर
बेमौसम बारिश का असर खेती पर पहले भी पड़ता रहा है, जिस पर बेमौसमी बारिश से किसानों की मेहनत का रंग हुआ फीका शीर्षक से रिपोर्ट प्रकाशित हो चुकी है। पहाड़ी इलाकों में बारिश से जुड़े हादसों पर हिमालय में बारिश की त्रासदी रिपोर्ट भी पढ़ी जा सकती है।
स्रोत: मिंट। फोटो: Dibakar Roy / Pexels